जागरण संवाददाता, शिमला : शहर में नगर निगम को समय पर टैक्स न देने वाले डिफाल्टर भवन मालिकों को नगर निगम ने अब दूसरा नोटिस जारी करने की तैयारी कर ली है। नगर निगम प्रशासन ने पहले चार हजार डिफाल्टरों को नोटिस जारी किया था। इसमें 15 दिन में टैक्स जमा करवाने के लिए कहा था। टैक्स जमा न करवाने की स्थिति में उन्हें फिर से नोटिस जारी किया जाएगा। नगर निगम के एक्ट के मुताबिक डिफाल्टर को तीन बारी नोटिस जारी किया जाता है। इसमें भी यदि डिफाल्टर अपना टैक्स जमा नहीं करवाता है तो उसके खिलाफ निगम एक्ट के तहत कार्रवाई की जाती है। इस दौरान भवन मालिकों के बिजली व पानी के कनेक्शन तक काटे जा सकते हैं।

शहर में ऐसे कई भवन मालिक हैं जिन्होंने निगम को कई साल से टैक्स नहीं दिया है। नगर निगम प्रशासन ने इन सभी को नोटिस जारी किया था। इनमें से करीब 450 लोगों ने ही अपना टैक्स जमा करवाया है। बचे हुए 35 सौ से ज्यादा भवन मालिकों ने अभी तक टैक्स जमा नहीं करवाया है। अब इन्हें फिर से नोटिस जारी किया जाएगा। इसमें 15 दिन का समय दिया जाएगा। निगम को टैक्स से सालाना होती है 21 करोड़ की आय

शहर में नगर निगम को टैक्स से 21 करोड़ की सालाना आय होती है। राजधानी में 30,000 से ज्यादा भवन मालिक हैं। ये निगम को टैक्स जमा करवाते हैं। नगर निगम प्रशासन ने अपनी आय बढ़ाने के लिए इस बार फैक्टर-6 को लागू किया है। हालांकि यह फैक्टर-6 उन्हीं भवनों पर लागू होगा, जिनका निर्माण 2021 के बाद किया जाएगा। इससे पहले के बने भवनों पर अधिकतम टैक्स का फैक्टर-5 के तहत लगाया जाता है। यह फैक्टर 2000 से 2020 के बीच में बने हुए भवनों पर लगता है। भवन मालिकों को टैक्स जमा करवाने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। जो समय पर टैक्स जमा करवा देंगे उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। यदि इसके बावजूद कोई जाता तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

आशीष कोहली, आयुक्त नगर निगम शिमला।

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