राज्य ब्यूरो, शिमला : घरेलू विद्युत उपभोक्ता चाहें तो घर की छत पर सौर ऊर्जा प्लांट लगाकर बिजली पैदा कर घर में इस्तेमाल कर सकते हैं। यदि विद्युत उत्पादन करने की इच्छा रखते हैं तो हर महीने हजारों रुपये कमाई कर सकते हैं। राज्य विद्युत बोर्ड ने विद्युत उपभोक्ताओं को रूफ टॉप सौर ऊर्जा नीति का लाभ उठाने की सलाह दी है। इस नीति के तहत कोई भी व्यक्ति प्रदेश के भीतर अपने घर की छत पर सौर ऊर्जा प्लांट लगा सकता है। एक किलोवाट से एक मेगावाट क्षमता का सौर ऊर्जा प्लांट लगाया जा सकता है। एक लाख रुपये की क्षमता से लेकर दस लाख तक का सौर प्लांट लगा सकते हैं। अभी तक राज्य मुख्यालय की छत पर सबसे बड़ा सौर ऊर्जा प्लांट लगाया गया है। इसी कड़ी में परिवहन निगम मुख्यालय की छत पर भी प्लांट लगा है। कुल्लू जिला में भुट्टिको व आइटीआइ के भवन पर भी सौर ऊर्जा से विद्युत उत्पादन हो रहा है। इन निर्देशों के अनुसार उपभोक्ता घरो के संयुक्त भार पर आधारित एक किलोवाट से एक मेगावाट तक के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए पात्र होगा। सिंगल पार्ट टैरिफ में उपभोक्ता उसके संयुक्त भार के 30 प्रतिशत का और टू पार्ट टैरिफ में स्वीकृत काट्रेक्ट डिमाड के 80 प्रतिशत तक का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर सकता है। उपभोक्ता द्वारा उत्पन्न की गई सौर ऊर्जा को मासिक विद्युत बिलों में समाहित किया जाएगा। यदि उत्पादन खपत से ज्यादा होती है तो इसे अगले माह के लिए आगे ले जाया जाएगा।

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विद्युत बोर्ड में करें आवेदन

यदि कोई भी व्यक्ति रूफ टॉप पर सौर ऊर्जा प्लांट लगाना चाहता है तो उसे सबसे पहले विद्युत बोर्ड के समक्ष आवेदन करना होगा। चार पन्नों का फार्म उपलब्ध है और औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सौर ऊर्जा प्लांट स्थापित हो सकेगा। उसके बाद हिम ऊर्जा अधिकृत कंपनी से प्लांट लगवाएगा और संबंधित व्यक्ति को उपदान भी प्राप्त होगा। एक प्लांट लगाने की एवज में यदि उपदान संबंधी शर्ते पूरी होती हैं तो व्यक्ति विशेष को केवल 20 हजार तक का भुगतान करना पड़ेगा। शेष धनराशि उपदान के तहत प्राप्त होगी।

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पांच रुपये प्रति यूनिट बेच सकेंगे बिजली

घर की छत पर उपयोग से अधिक विद्युत उत्पादन होने की स्थिति में मकान मालिक पांच रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से विद्युत बोर्ड को बिजली बेच सकेगा। हालाकि देय राशि का अंतिम निपटान यदि कोई है तो बिजली बिलों में समायोजन के माध्यम से है, जो कि सिंगल पार्ट टैरिफ और टू पार्ट टैरिफ के अंतर्गत आने वाले उपभोक्ताओं के लिए क्त्रमश: 5 रुपये प्रति यूनिट और 4.50 रुपये प्रति की दर से वितीय वर्ष के अंत में प्रभावित होगा। इन दरों को कम किया जाएगा। यदि सरकारी एजेंसियों से उपलब्ध सब्सिडी या अनुदान या दोनों, रूफ टॉप सौर पीवी प्रणाली की पूंजी लागत का 50 प्रतिशत से अधिक होता है।

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प्रदेश का प्रत्येक हाउस होल्ड चाहे तो घर में सौर ऊर्जा प्लांट लगाकर विद्युत उत्पादन कर सकता है। सरकार की ओर से विद्युत उत्पादन करने वाले लोगों को उपदान भी दिया जाएगा।

-तरुण कपूर, अतिरिक्त मुख्य सचिव बहुउद्देश्यीय ऊर्जा विभाग।

Posted By: Jagran