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शिमला IGMC में महंगी हुई रोबोटिक सर्जरी, भर्ती होने के लिए देने होंगे ‌₹20000 एक्स्ट्रा; एक्सरे का भी लगेगा शुल्क

Published: Sat, 24 Oct 2026 09:32 AM (IST)

शिमला के आइजीएमसी अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी और एक्स-रे की फीस बढ़ा दी गई है, जिससे मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।

शिमला IGMC में महंगी हुई रोबोटिक सर्जरी (फाइल फोटो)

शिमला IGMC में महंगी हुई रोबोटिक सर्जरी (फाइल फोटो)


HighLights

  1. रोबोटिक सर्जरी सामान्य वार्ड में अब 50 हजार रुपये की

  2. स्पेशल वार्ड में रोबोटिक सर्जरी का शुल्क 80 हजार रुपये हुआ

  3. एक्स-रे करवाने के लिए मरीजों को 60 रुपये देने होंगे

जागरण संवाददाता, शिमला। आइजीएमसी शिमला में अब रोबोटिक सर्जरी करवाना महंगा होगा। अस्पताल प्रबंधन ने रोबोटिक सर्जरी की फीस बढ़ाने का फैसला लिया है।

इसके तहत सामान्य वार्ड में भर्ती मरीजों को अब 30 हजार रुपये के बजाय 50 हजार रुपये देने होंगे, जबकि स्पेशल वार्ड में भर्ती मरीजों के लिए यह शुल्क 50 हजार से बढ़ाकर 80 हजार रुपये कर दिया गया है।

इसके अलावा अस्पताल में एक्स-रे करवाने के लिए भी अब मरीजों को 60 रुपये देने होंगे। शुक्रवार को अस्पताल की कार्यकारी समिति की बैठक में ये फैसले लिए गए।

बैठक में अस्पताल की प्रधानाचार्य डॉ. सीता ठाकुर, एमएस डॉ. राहुल राव सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान विशेष अतिथि के रूप में बैठक में शामिल हुए। बैठक में अस्पताल की व्यवस्थाओं, मरीजों को उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं और विभिन्न सेवाओं के शुल्क पर चर्चा की गई।

डेढ़ सौ मरीजों की हो चुकी है रोबोटिक सर्जरी

आइजीएमसी में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू होने के बाद अब तक करीब 150 मरीजों की सर्जरी की जा चुकी है। आधुनिक तकनीक से होने वाली इस सर्जरी को लेकर मरीजों में रुचि बढ़ रही है। शुल्क में बढ़ोतरी के बाद मरीजों और उनके तीमारदारों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। सामान्य और विशेष वार्ड के अनुसार सर्जरी की फीस अलग-अलग निर्धारित की गई है।

एक्स-रे करवाना भी पड़ेगा महंगा

आईजीएमसी में प्रतिदिन 500 से अधिक मरीज एक्स-रे करवाते हैं। अब इसके लिए 60 रुपये किए जाने का असर बड़ी संख्या में मरीजों पर पड़ेगा। अस्पताल में उपचार के लिए शिमला के अलावा प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों से भी मरीज पहुंचते हैं।

कार्यकारी समिति की बैठक में लिए गए इन फैसलों से अस्पताल में इलाज और जांच करवाने वाले मरीजों के खर्च में बढ़ोतरी होगी। इसके प्रस्तावों को स्वीकृति के बाद अब मंजूरी के लिए सरकार को भेजा जाना है।