रिवालसर, देवेंद्र ठाकुर। तीन धर्मों की आस्था स्थली ऐतिहासिक रिवालसर झील का पानी फिर रंग बदलने लगा है। अनहोनी की आशंका से क्षेत्र के लोग सहम गए हैं। गत वर्ष भी झील के पानी का रंग एकाएक बदल गया था। पानी में प्रदूषण बढ़ने व ऑक्सीजन की मात्रा कम होने से हजारों मछलियां मौत का ग्रास बन गई थी।

लाख उपाय करने के बावजूद प्रशासन मछलियों को बचाने में नाकाम रहा था। पानी के रंग बदलने से झील में गत वर्ष मौत का ग्रास बनने से जो मछलियां बच गई थी, उनके जीवन पर एक बार फिर खतरा मंडरा गया है। पानी में प्रदूषण की बढ़ती मात्रा के लिए लोग झील किनारे बड़ी संख्या में भवन निर्माण को जिम्मेदार मान रहे हैं। 

 

बहुमंजिला भवनों के निर्माण के कारण बरसात में टनों के हिसाब से हर साल मिट्टी व कंकरीट झील के आंचल में समा रही है। इस कारण झील की गहराई भी हर साल घट रही है। झील के किनारों पर पानी की निकासी के लिए बनाई गई नालियों में सीवरेज की गंदगी डाली जा रही है। नालियों के खस्ताहाल होने से सीवरेज की गंदगी का रिसाव लगातार झील में हो रहा है। जो कि झील के पानी को प्रदूषित कर रहा है। नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष बंसी लाल का कहना है कि झील किनारे बने कुछ मकानों के सेप्टिक टैंकों से हो रहे रिसाव के कारण यह समस्या आ रही है। झील में बड़ी मात्रा में गाद भरने के कारण झील के अंदर बने पानी के प्राकृतिक स्त्रोत बंद हो गए हैं। पानी में ऑक्सीजन की कमी होने से मछलियों के मरने की संभावना बढ़ गई है।प्रशासन द्वारा झील में मछलियों को आहार डालने पर प्रतिबंध के बावजूद झील में कोई सुधार होता नजर नहीं आ रहा है।

लोगों ने प्रशासन व सरकार से मांग की है कि रिवालसर झील को बचाने के लिए कारगर कदम उठाए जाने चाहिए।रिवालसर डेवलपमेंट एक्शन ग्रुप के प्रधान नरेश शर्मा ने रिवालसर झील के संरक्षण के लिए सरकार से दीर्घकालिक उपाय अमल में लाने की मांग की है। नगर पंचायत अध्यक्ष लाभ सिंह ने बताया कि झील के पानी के रंग में हो रहे बदलाव चिंता का विषय है। प्रशासन को इस बारे अवगत कराया जा रहा है।

18 को विशेष बैठक

एसडीएम किशोरी लाल ने कहा कि झील को बचाने के लिए प्रशासन की तरफ से जरूरी कदम उठाए जाएंगे। प्रदूषण  मत्स्य विभाग को पानी के सैंपल लेने के आदेश जारी कर दिए हैं। आगे की रणनीति के लिए 18 मई को नगर पंचायत की 11 बजे एक विशेष बैठक बुलाई गई है। इसमें रिवालसर क्षेत्र के सभी धार्मिक व समाजिक संस्थाओं के लोगों को आमंत्रित किया गया है।

सूचना मिलने के बाद मत्स्य व वन विभाग के अधिकारियों को अलर्ट कर दिया है। मौके पर जाकर कारगर कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम बल्ह से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है।

राजीव कुमार, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी मंडी।

 

By Babita