रामपुर को जिला बनाने के लिए 10 साल बाद फिर आवाज बुलंद, दलगत राजनीति से ऊपर उठकर एकजुट होने का आह्वान
हिमाचल प्रदेश में रामपुर बुशहर को जिला बनाने की मांग तेज हो गई है, जिसमें एचपीएमसी निदेशक भूपेश धीमान ने सभी राजनीतिक दलों से एकजुट होने का आह्वान किया है।

रामपुर में शनिवार को पत्रकारों से वार्ता करते भूपेश धीमान व अन्य। जागरण
HighLights
रामपुर को जिला बनाने की मांग तेज हुई।
सभी राजनीतिक दलों से एकजुट होने का आह्वान।
भौगोलिक स्थिति जिला बनने के लिए उपयुक्त है।
संवाद सहयोगी, रामपुर बुशहर (शिमला)। हिमाचल प्रदेश में नए जिलों के गठन को लेकर गठित किए आयोग के बाद रामपुर को जिला बनाने की मांग तेज होने लगी है। एचपीएमसी के निदेशक एवं सराहन वार्ड के पूर्व जिला परिषद सदस्य भूपेश धीमान ने रामपुर में पत्रकार वार्ता में कहा कि रामपुर को जिला बनाने के लिए सभी राजनीतिक दलों और क्षेत्र के लोगों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर एक मंच पर आना होगा।
उन्होंने आओ मिलकर हाथ मिलाओ मतभेद भुलाओ और रामपुर को जिला बनाओ’ के संकल्प के साथ इस मांग को बुलंद करने का आह्वान किया।
2016 से उठ रही मांग
उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 से रामपुर को जिला बनाने की मांग उठाई जा रही है। प्रदेश सरकार ने नए जिलों के गठन सहित विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करने के लिए आयोग का गठन किया है। ऐसे में क्षेत्र के लोगों को अपनी मांग मजबूती से सरकार के समक्ष रखनी चाहिए और इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए।
जिला बनने के लिए उपयुक्त रामपुर
उन्होंने कहा कि भौगोलिक स्थिति के लिहाज से रामपुर जिला बनने के लिए उपयुक्त है। रामपुर का संपर्क शिमला, कुल्लू, मंडी और किन्नौर के विभिन्न क्षेत्रों से है। आउटर सिराज, आनी, करसोग और किन्नौर के निचले क्षेत्रों के लोगों के लिए रामपुर महत्वपूर्ण केंद्र है। जिला मुख्यालय दूर होने के कारण लोगों को सरकारी कार्यों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
4 माह कटा रहता है संपर्क
उन्होंने कहा कि सर्दियों में आउटर सिराज के कई क्षेत्रों का जिला मुख्यालय से संपर्क लगभग चार महीने तक प्रभावित रहता है। रामपुर को जिला बनाने से इन क्षेत्रों के लोगों को प्रशासनिक सुविधाएं नजदीक मिल सकेंगी। इससे समय और धन की बचत के साथ क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी।
विधायक के नेतृत्व में बढ़ाएंगे मांग
उन्होंने कहा कि विधायक के नेतृत्व में इस मांग को आगे बढ़ाया जाएगा और अन्य क्षेत्रों के प्रतिनिधियों से भी बातचीत की जाएगी। जनता को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने की जरूरत है। वित्तीय स्थिति से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि वर्तमान सुक्खू सरकार ने इस विषय के अध्ययन के लिए आयोग गठित किया है, इसलिए सभी पक्षों को अपनी बात प्रभावी ढंग से रखनी चाहिए।
इन्होंने भी उठाई मांग
पत्रकार वार्ता में ग्राम पंचायत मशनू के प्रधान योगेश चौहान, पूर्व जिला कांग्रेस महासचिव प्रताप गुप्ता, प्रधान रचना भंडारी, ऑटो यूनियन रामपुर के प्रधान कालीचरण और बिट्टू उपस्थित रहे।
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