राज्य ब्यूरो, शिमला : पूर्व सांसद राजन सुशांत ने कहा कि पौंग बांध किनारे बसे हजारों किसानों के भूखे मरने की नौबत आ गई है। उन्होंने प्रदेश भाजपा सरकार को इन किसानों की समस्या के हल के लिए एक दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि पौंग बांध के साथ वेटलैंड पर गेहूं की बिजाई करने का आदेश जारी न होने पर प्रदेश सरकार की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके शिमला दौरे के दौरान शिकायत की जाएगी।

राजन सुशांत ने शिमला में पत्रकारों से पूर्व वीरभद्र व धूमल सरकारों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि आज तक कभी वेटलैंड पर गेहूं की बिजाई से किसी ने नहीं रोका। अब जयराम सरकार वेटलैंड पर गेहूं की बिजाई करने वाले हजारों किसानों के ट्रैक्टर आदि जब्त करने के अलावा उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में जल्द आदेश जारी नहीं किए तो किसानों के साथ ट्रैक्टर लेकर खेत जोते जाएंगे। पौंग विस्थापितों की सवा तीन लाख एकड़ जमीन बांध की भेंट चढ़ गई थी। प्रदेश में या तो दो सरकारें चल रही हैं या वन्य प्राणी विभाग मुख्यमंत्री और उनके राजनीतिक सलाहकार व सरकार की नहीं सुन रहे हैं। मुख्यमंत्री आश्वासन दे चुके हैं कि पौंग बांध विस्थापितों को वेटलैंड पर बिजाई करने से कोई नहीं रोकेगा। इसके बावजूद बिजाई नहीं करने दे रहे हैं। कांगड़ा जिला के हजारो किसान गेहूं की बिजाई से वंचित हो गए हैं।

पौंग विस्थापित जब बांध में जलस्तर कम हो जाता है तो खाली क्षेत्र में गेहूं की बिजाई करते हैं। वे करीब 25 से 30 करोड़ रुपये की गेहूं की पैदावार करते हैं। अब बिजाई के केवल पांच छह दिन शेष हैं। सुशांत ने कहा कि वह विस्थापितों को उनका हक दिलाने के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार हैं। वन्य प्राणी विभाग वेटलैंड में खेती करने से प्रवासी पक्षियों के ऊपर पड़ने वाले असर की बात कह रहा है जो गलत है। खेती करने से पक्षी भागेंगे नहीं बल्कि बढ़ेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि वन विभाग के अधिकारी मुख्यमंत्री को गुमराह कर रहे हैं।

Posted By: Jagran

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