संवाद सूत्र, ज्यूरी : प्रदेश सरकार की ओर से ज्यूरी कॉलेज को बंद करने के फैसले का ग्रामीणों ने विरोध किया है। ग्रामीणों ने सोमवार को ज्यूरी कॉलेज बचाओ संघर्ष समिति का गठन किया और 18 सितंबर को रामपुर में रैली निकालने का निर्णय लिया है। ग्रामीणों ने सरकार से माग की है कि कॉलेज को दोबारा बहाल किया जाए, ताकि यहा के बच्चों को इसका लाभ मिल सके।

ज्यूरी पंचायत प्रधान अशोक नेगी ने कहा कि पूर्व सरकार ने ज्यूरी महाविद्यालय खोल कर बड़ी सौगात दी थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे वापस लेकर ग्रामीणों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। इस महाविद्यालय से 12 पंचायतों के 15 वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल, 1500 मेगावाट परियोजना, आइटीबीपी और एसएसबी व बीआरओ कर्मचारियों के बच्चों को लाभ मिल सकता था। कॉलेज बंद करने के विरोध में 18 सितंबर को रामपुर में रैली निकाली जाएगी और उपमंडलाधिकारी रामपुर के माध्यम से मुख्यमंत्री को कॉलेज बहाल करने के लिए ज्ञापन भी भेजा जाएगा। इस महाविद्यालय के तहत ज्यूरी, बधाल, कुट, शाहधार, फाचा, क्याओ, जघोरी, लबाणा सदाना, सराहन, किन्नु, दोफदा, गोपालपुर आदि पंचायत के लोगों को लाभ मिलना था। इस दौरान जिला परिषद सदस्य विकेश चौहान, व्यापार मंडल ज्यूरी के प्रधान जय प्रकाश धंगल, उपप्रधान पंजू कपिला, सचिव सुनील शर्मा, अरुण शर्मा, अरविंदर सूद, राम सिंह, सन लाइट युवक मंडल कोछड़ी के प्रधान चंद्र सिंह, रूपेश्वर सिंह और राम भक्त बंसल आदि मौजूद रहे।

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विकेश चौहान को चुना संघर्ष समिति का मुख्य सलाहकार

ज्यूरी कॉलेज बचाओ संघर्ष समिति में मुख्य सलाहकार जिला परिषद सदस्य विकेश चौहान, अध्यक्ष अशोक नेगी, सचिव विजय सिंह, उपाध्यक्ष नारायण खन्ना, सुभाष नेगी, यशपाल सोनी, बन्ना देवी, गीता दत्त शर्मा, सह सचिव अकबर सिंह, रवि कात, बृज मोहन, वेद ठाकुर आदि को चुना गया।

Posted By: Jagran