राज्य ब्यूरो, शिमला : निजी बस ऑपरेटरों की मंगलवार को दूसरे दिन भी हड़ताल से हिमाचल में यात्री बेहाल रहे। यात्रियों को सड़कों पर परेशानी झेलनी पड़ी। उन्हें हड़ताल जारी रहने की सूचना नहीं थी। इस कारण ज्यादातर लोग सुबह अपने घर से गंतव्य स्थानों की ओर निकले। विद्यार्थी स्कूल व कॉलेज और कर्मचारी कार्यालय गए। रास्ते में पता चला कि निजी बस ऑपरेटरों की दूसरे दिन भी हड़ताल है। इससे उन्हें सड़कों पर काफी समय तक सरकारी बसों का इंतजार करना पड़ा।

शिमला जिला में करीब 119 निजी बसों की कोई हड़ताल नहीं रही। निजी बस ऑपरेटर यूनियन की शिमला इकाई के अध्यक्ष कमल ठाकुर ने कहा कि सोमवार को मुख्यमंत्री के साथ वार्ता हुई थी। उन्होंने मांगें मानने और किराया बढ़ाने का आश्वासन दिया था। इसके आधार पर मंगलवार को हड़ताल नहीं की। ऊपरी शिमला में भी बसें चलीं। चंबा जिला में भी बस हड़ताल नहीं हुई। जिला में निजी बसें सामान्य रूप से चलीं। अन्य जिलों में हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बसों ने दूसरे दिन भी सड़कों पर मोर्चा संभाले रखा। मंगलवार को प्रदेश में तीन हजार से अधिक बसें चलाई गई। इनसे दो दिन के भीतर ही 20 लाख रुपये से अधिक की अतिरिक्त कमाई हुई। 250 अतिरिक्त बसें लगाई

मंगलवार को भी हमारे वही प्रबंध रहे, जो सोमवार को थे। यात्रियों को असुविधा न हो, इसके लिए एचआरटीसी की 250 अतिरिक्त बसें लगाई गई थीं। निगम किसी भी प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।

एचके गुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक, एचआरटीसी हमारा पक्ष भी सुने सरकार

सरकार किराया बढ़ाने से पूर्व हमारा भी पक्ष सुने। संघ इस संबंध में सरकार को बुधवार को पूरे तथ्य पेश करेगा। निजी बस ऑपरेटर यात्रियों से तय किराये से कम किराया लेते हैं।

शंकर सिंह ठाकुर, प्रदेशाध्यक्ष, हिमाचल परिवहन मजदूर संघ

--------- कब बढ़ा बस किराया

हिमाचल में एक अक्टूबर 2013 को बस किराया 25 फीसद बढ़ा था। उस समय कांग्रेस सरकार को सत्ता में आए दस महीने हुए थे। तब डीजल 46 रुपये लीटर था। डीजल आज 74 रुपये लीटर हो गया है।

Posted By: Jagran