सोलन, जेएनएन। देशभर में निजी बस ऑपरेटरों की अपनी मांगों को लेकर सोमवार से शुरू हुई हड़ताल ने पहले ही दिन लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बसें न चलने के कारण नौकरीपेशा व स्कूल, कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि कालका शिमला एनएच पर एचआरटीसी, हरियाणा रोडवेज व पंजाब रोडवेज की बसें चल रही है लेकिन बसें पीछे से ही पैक होने के कारण लोगों को निराश होना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्र को लोगों की इसलिए भी समस्या ज्यादा है क्योंकि एचआरटीसी की बसों की सुविधा अधिकांश क्षेत्रों में नही है। वहीं बसों की हड़ताल का लाभ टैक्सी ऑपरेटर उठा रहे है सवारियों से मनचाहे दाम वसूल रहे है।

गौरतलब है कि निजी बस ऑपरेटरों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से हिमाचल की परिवहन व्यवस्था आज से चरमरा जाएगी। हालांकि इससे निपटने के लिए एचआरटीसी ने अतिरिक्त बसें चल रही हैं लेकिन वह पर्याप्त नही हैं।

हजारों रूटों पर निजी बसें न चलने से लोगों को परेशानी झेल रहे हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की परिवहन व्यवस्था ज्यादा बिगड़ गयी, क्योंकि इन बसों के साठ फीसद रूट इन्हीं इलाकों से होकर गुजरते हैं। 40 फीसद बसें नेशनल, स्टेट हाइवे के रूट से गुजरती हैं। ऐसे में शहरी क्षेत्रों, कस्बों में भी हड़ताल का प्रभाव दिखना तय है। इससे प्रतिदिन निजी बस ऑपरेटरों को एक करोड़ 28 लाख का नुकसान होगा। इसके अलावा पेट्रोल पंपों की लाखों की कमाई घटेगी। 

सचिवालय के बाहर होगा आमरण अनशन

हिमाचल प्रदेश निजी बस ऑपरेटर यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष राजेश पराशर और महासचिव रमेश कमल ने कहा कि अगर सरकार ने मांगें नहीं मानती है तो वे राज्य सचिवालय के बाहर आमरण अनशन कर देंगे। इस दौरान आत्मदाह जैसा कठोर कदम किसी ने उठाया तो इसकी जिम्मेवारी सरकार की होगी। उन्होंने कहा कि हड़ताल गैर राजनीतिक और शांतिपूर्ण होगी।

6400 चालाक, परिचालक सड़क पर

हड़ताल के कारण 6400 चालक, परिचालक सड़क पर उतरेंगे। लेकिन पहले दिन ऑपरेटरों का शांतिपूर्ण तरीके से ही साथ देंगे। बिना रूट से टैक्सी से सवारियों को नहीं ढोने देंगे। इससे दोनों में टकराव की नौबत आ सकती है। 

चंबा में नहीं होगी हड़ताल

निजी बस ऑपरेटर यूनियन चंबा ने सोमवार 10 सितंबर को होने वाली हड़ताल को स्थगित कर दिया है। यूनियन ने विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज व सदर विधायक पवन नैय्यर के आश्वासन के बाद हड़ताल स्थगित कर दी है। यूनियन को आश्वासन दिया गया है कि मांगों को 10 दिन के अंदर हल कर दिया जाएगा। निगम ने ढाई सौ से तीन सौ अतिरिक्त बसों का इंतजाम किया है। निगम के पास 3150 बसें हैं। इनमें से 2778 बसें रोजाना रूटों पर चलती हैं। 

सोमवार सुबह से इनकी संख्या तीन हजार से अधिक हो जाएगी। अवकाश पर चल रहे स्टाफ को वापस बुला लिया है।

-एचके गुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक, एचआरटीसी

प्रमुख मांगें

’ सामान्य बसों के किराये में पचास फीस की बढ़ोतरी

’ ग्रीन टैक्स तत्काल बंद किया जाए

’ एचआरटीसी रियायती कार्ड, अन्य रियायती सुविधाएं बंद करें

’ टैक्स परमिट हस्तांतरण की शक्तियां आरटीओ को दी जाएं

’ हस्तांतरण फीस बंद की जाए

’ सीटों की क्षमता घटाने, बढ़ाने की शक्तियां परिवहन निदेशक को दी जाए

 

Posted By: Babita