जागरण संवाददाता, शिमला : क्षेत्रीय अस्पताल रिपन में दाखिल मरीजों को अब पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिलेगी। इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने 16 लाख रुपये से पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन खरीदी है, जोकि वार्ड में दाखिल मरीजों की जांच के लिए इस्तेमाल होगी। इस मशीन को एक बिस्तर से दूसरे तक आसानी से ले जाया जा सकता है।

मौजूदा समय तक अस्पताल में दाखिल मरीजों को सामान्य अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर टेस्ट करवाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में दाखिल मरीज का दर्द दोगुना हो जाता था। वार्ड के लिए अलग से पोर्टेबल मशीन आने के बाद मरीजों को बिस्तर पर टेस्ट की सुविधा मिल सकेगी।

वहीं ओपीडी में जांच करवाने वाले मरीजों की जरूरत को पूरा करने के लिए अस्पताल प्रशासन परिसर में जल्द दूसरी अल्ट्रासाउंड मशीन लगाने की तैयारी में है। अल्ट्रासाउंड कक्ष के समीप दूसरा कमरा तैयार किया जा रहा है, जहां नई मशीन स्थापित की जाएगी। नई मशीन स्थापित होने के बाद ओपीडी के मरीजों को अल्ट्रासाउंड की लंबी तारीख नहीं दी जाएगी।

मौजूदा समय में अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए ओपीडी में जांच करवाने वाले मरीजों को एक से डेढ़ महीने बाद की तारीख दी जाती है। हालत यह है कि एक से डेढ़ महीने बाद भी जब मरीज अल्ट्रासाउंड के लिए कक्ष के बाहर पहुंचता है तो मरीजों की भीड़ देखकर उसकी परेशानी और बढ़ जाती है। इससे उनका पूरा दिन लग जाता है। ऐसे में मरीजों को इलाज के लिए काफी देर भी हो जाती है। डाक्टर अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट देखने के बाद आगामी इलाज शुरू करते हैं। अधिक परेशानी महिला मरीजों को पेश आती है, जिन्हें टेस्ट से पहले अधिक पानी पीने की सलाह दी जाती है। अस्पताल में रोजाना की ओपीडी है 800 से 1000

रिपन में रोजाना 800 से 1000 लोग विभिन्न ओपीडी में जांच करवाने पहुंचते हैं। वहीं सैकड़ों मरीज अस्पताल के विभिन्न वार्ड में दाखिल रहते हैं। रिपन में शिमला के अलावा सोलन, सिरमौर और किन्नौर जिले से लोग इलाज के लिए पहुंचते हैं। आइजीएमसी में अत्यधिक भीड़ होने की वजह से मरीज रिपन का रुख करते हैं।

पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन लगाई गई है। जरूरत पड़ने पर इसे विभिन्न विभागों के तहत दाखिल किए गए मरीजों के अल्ट्रासाउंड में इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा आउटडोर मरीजों के लिए नई मशीन लगाने के लिए कक्ष तैयार किया जा रहा है। अस्पताल में अब अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए तीन मशीनें उपलब्ध हो रही हैं।

रविद्र मोक्टा, एमएस रिपन अस्पताल। इमरजेंसी सहित सामान्य टेस्ट हो रहे इकट्ठे

विभिन्न ओपीडी में जांच करवाने के बाद कई बार डाक्टर जल्दी इलाज के लिए इमरजेंसी अल्ट्रासाउंड टेस्ट करवाने की सलाह देते हैं। अस्पताल में अभी तक एक ही अल्ट्रासाउंड मशीन होने के चलते इमरजेंसी सहित सामान्य अल्ट्रासाउंड एक ही जगह होते हैं। ऐसे में दिनभर इमरजेंसी व सामान्य अल्ट्रासाउंड वाले मरीजों को भीड़ के बीच टेस्ट करवाने पर मजबूर होना पड़ता है। अस्पताल में आसपास कहीं भी निजी अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं है।

Edited By: Jagran