जागरण संवाददाता, शिमला : विपक्षी दलों के भारत बंद का शहरवासियों ने विरोध किया है। शहर के लोगों का कहना है कि विपक्षी दलों का बढ़ती हुई महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन सही है, लेकिन इसका नुकसान आम जनता को उठाना पड़ता है। चक्का जाम व दुकानों के बंद रहने से लोग जरूरत का सामान नहीं खरीद पाते हैं। संजौली के रहने वाले पवन ने बताया कि विपक्षी दलों का पेट्रोल व डीजल की कीमतों में हुई वृद्धि के खिलाफ प्रदर्शन करना जायज है, लेकिन इसका आम जनता पर प्रभाव पड़ेगा। चक्का जाम करने से जहां आम लोग अपने गंतव्य स्थान पर समय पर नहीं पहुंच पाएंगे, वहीं लोगों को खाने-पीने के सामान के लिए भी भटकना पड़ेगा है।

शिमला के रहने वाले दिनेश का कहना है कि महंगाई के खिलाफ यदि प्रदर्शन करना है तो नेताओं के घरों के सामने किया जाना चाहिए। सड़कों पर प्रदर्शन करने से सरकार पर कोई असर नहीं पड़ेगा, इससे आम जनता का ही नुकसान हो रहा है।

शिमलावासी रवि कुमार का कहना है कि सरकार को महंगाई को रोकने के लिए कोई ऐसी पॉलिसी बनानी चाहिए, जिससे आम जनता को इससे राहत मिल सके। मात्र नारेबाजी करने और चक्का जाम करने से महंगाई को रोक पाना असंभव है।

ठियोग के रहने वाले नरेंद्र कंवर ने बताया कि प्रदर्शन करने से आम जनता का ही नुकसान होता है, लोगों को आने जाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। आम जनता के हित को देखते हुए प्रदर्शन करने चाहिए। शिमला की नियति का कहना है कि पेट्रोल व डीजल के बढ़े हुए दाम के कारण महंगाई जरूर बढ़ी है, लेकिन विपक्षी दलों का इसके खिलाफ प्रदर्शन करने का तरीका सही नहीं है। इस प्रकार के प्रदर्शन से आम लोगों को नुकसान उठाना पड़ता है, इसलिए बंद का आह्वान सही नहीं है।

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