सुनील ग्रोवर, ठियोग

बस स्टैंड पर लोग अपने गंतव्य तक जाने के लिए बसों का इंतजार कर रहे थे। भीड़ के बीच कई लोग बिना मास्क लगाए दिखे, जबकि कुछ लोग मास्क को मुंह से नीचे गले में लटकाए हुए घूम रहे हैं। बसों में सामान बेचने वाले बिना मास्क के सामान बेचते दिखे। कोरोना के नियमों में प्रशासन और सरकार की ओर से दी गई ढील का आम जनता भी खूब फायदा उठा रही है। लोगों की ऐसी लापरवाही कोरोना संक्रमण को बढ़ावा दे सकती है।

सेब सीजन में रोजगार कमाने आए नेपाली मूल के लोग वापसी का रुख कर रहे हैं, जिसके कारण बस अड्डे में दोपहर के समय लोगों का जमावड़ा रहता है। इसमें शारीरिक दूरी का नियम भी बेअसर हो रहा है। ट्रैफिक संभाल रहे पुलिस कर्मी भी मास्क न लगाने वालों को देखकर नजरअंदाज करते हैं। दूसरी ओर अन्य राज्यों से लोग बस अड्डे में अपनी रेहड़ी पर बिना मास्क लगाए सामान बेचते हैं। इन लोगों का राज्य के बाहर और भीतर आना चला रहता है और बिना मास्क के ये लोग न जाने कितने स्थानीय लोगों के संपर्क में आते हैं। इसके कारण बीमारी बढ़ने का खतरा हमेशा बना रहता है। युवा पीढ़ी कर रही नियमों का उल्लंघन

कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर से बेखबर कालेज की युवा पीढ़ी नियमों को अनदेखी करने में प्रथम पंक्ति में नजर आ रही है। कालेज में कक्षाएं शुरू होने के बाद बाजार में भीड़ काफी बढ़ गई है। लेकिन शिक्षित होने के बावजूद छात्र-छात्राएं मास्क को गले में लटका कर बातचीत करते दिखाई देते हैं। पुलिस देर शाम करती है व्यापारियों के चालान

पुलिस देर शाम को भीड़ छंट जाने पर सक्रियता दिखाती है और खाली दुकानों में बैठे दुकानदारों के बिना मास्क के चालान करके अपनी ड्यूटी पूरी करती है। जबकि नियमों का उल्लंघन करने के लिए दिन के समय रोकने के लिए पुलिस किसी भी प्रकार की संवेदनशीलता नहीं दिखाती है। स्थानीय प्रशासन ने भी लोगों को अपने हाल पर छोड़ दिया है। प्रशासन की तरफ से इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है।

Edited By: Jagran