राज्य ब्यूरो, शिमला : 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस के दाम बढ़ने पर नरेंद्र मोदी पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को मौनी बाबा कहते थे, आज मोदी खुद मौन क्यों हैं? काग्रेस सरकार के दौरान कच्चे तेल की कीमत 100 से ऊपर थी तब भी पेट्रोल डीजल की कीमतें नियंत्रण में थीं। अब कच्चे तेल की कीमतें कम होने के बाबजूद इनकी कीमतों में आग लगी है। इन्हें जीएसटी के दायरे में लाया जाए, जिससे कीमतें कम हो और महंगाई पर लगाम लग सके।

प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने शिमला में पत्रकारों से बातचीत ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। मोदी सरकार ने साढे चार साल में पेट्रोल-डीजल पर टैक्स लगाकर 11 लाख करोड़ रुपया कमाया है। केंद्र सरकार महंगाई को नियंत्रित करने में पूरी तरह से नाकाम रही है यही कारण है कि सोमवार 10 सितंबर को भारत बंद कर सरकार को जगाने का प्रयास किया जा रहा है। सोमवार सुबह दस से तीन बजे तक बंद रहेगा। हिमाचल में भारत बंद को लेकर सभी वर्ग से आह्वान किया है कि महंगाई और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ वह भी इसमें योगदान निभाएं। बंद के दौरान आपातकालीन सेवाओं एम्बुलेंस, अग्निशमन व अन्य सेवाओं को न रोकने के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र की पूर्व कांग्रेस सरकार के समय से आज कच्चे तेल की कीमत 34 डॉलर प्रति बैरल तक गिरी है। बावजूद इसके डीजल और पेट्रोल की कीमतें आसमान पर हैं। 16 मई 2014 को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 107.09 डॉलर प्रति बैरेल थी, जबकि आज कच्चे तेल की कीमत 73 डॉलर प्रति बैरेल है।

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