जागरण संवाददाता, शिमला : प्रोसेसिंग प्लांट, सीए स्टोर, मार्केटिंग शेड, पार्किंग व अन्य आधुनिक सुविधाएं जुटा कर पराला को आदर्श मंडी के रूप में विकसित किया जा रहा है। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने फल मंडी पराला का निरीक्षण करने के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि 200 करोड़ रुपये की लागत से ये कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। उन्होंने कहा कि पराला मंडी में 70 हजार से एक लाख तक सेब की पेटियां रोजाना आती हैं। यहां अन्य मंडियों से अच्छे भाव भी मिलते हैं।

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न मंडियों में सीसीटीवी कैमरे व अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाएं, ताकि आढ़ती, लदानी एवं बागवानों को परेशानी न हो। पराला मंडी में बैंक शाखा खोलने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने उपमंडलाधिकारी ठियोग सौरव जस्सल को मंडी के आसपास सरकारी भूमि देखने का निर्देश दिया। इससे पराला मंडी में लोडिंग और अनलोडिंग के लिए जगह बनाई जा सके और दूसरे राज्यों से आए ट्रांसपोर्टर और लदानियों के साथ आढ़तियों को सुविधा मिल सके। मार्केटिंग शेड के निर्माण के संबंध में उन्होंने एपीएमसी एवं आढ़ती एसोसिएशन से परस्पर बैठक कर स्थान चिह्नित करने का निर्देश दिया।

सुरेश भारद्वाज ने कहा कि पराला मंडी में अधिक सेब आने व ओलावृष्टि एवं सेब के आकार के कारण दाम अवश्य कमी आंकी गई है। हिमाचल प्रदेश सेब राज्य के रूप में जाना जाता है। पांच हजार करोड़ की आर्थिकी सेब से प्रदेश को होती है। एपीएमसी के अध्यक्ष नरेश शर्मा ने कहा कि क्षेत्र के अधिकतर बागवान पराला मंडी में ही उत्पाद लेकर पहुंचते हैं। इसका कारण उचित दाम मिलना है। उन्होंने आढ़ती एसोसिएशन से निवेदन किया कि बागवानों को अधिक से अधिक दाम देने की कोशिश करें। इस अवसर पर आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान हरीश ठाकुर, मंडलाध्यक्ष राजेश शारदा, कृषि उत्पाद विपणन बोर्ड के प्रबंध निदेशक नरेश ठाकुर, उपमंडलाधिकारी ठियोग सौरव जस्सल, डीएसपी लखविंद्र सिंह, एपीएमसी सचिव किन्नौर-शिमला ओपी बसंल, सैंज के प्रधान राजेंद्र शर्मा मौजूद रहे।

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