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'हिमाचल में 31 मई से पहले वोटिंग कराएं', पंचायत चुनाव को लेकर SC का बड़ा फैसला

Published: Fri, 13 Feb 2026 12:53 PM (IST)Updated: Fri, 13 Feb 2026 12:54 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर जारी असमंजस खत्म हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की याचिका ...और पढ़ें

HighLights

  1. सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल पंचायत चुनाव पर फैसला सुनाया

  2. चुनाव 31 मई 2026 से पहले कराने का निर्देश

  3. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की पीठ ने याचिका निपटाई

डिजिटल डेस्क, शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर जारी असमंजस शुक्रवार को खत्म हो गया। सुप्रीम कोर्ट ने आज राज्य सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्देश दिया है कि प्रदेश में पंचायती रांज संस्थाओं और नगर निकायों के चुनाव 31 मई, 2026 से पहले संपन्न कराए जाएं।

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा राज्य में लोकल बॉडीज के चुनाव कराने के लिए तय डेडलाइन 30 अप्रैल से बढ़ाकर 31 मई कर दी। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने राज्य सरकार के प्रिंसिपल सेक्रेटरी की अर्जी पर ध्यान दिया और रिकंस्ट्रक्शन का काम, डिलिमिटेशन और रिजर्वेशन पूरा करने के लिए HC की 28 फरवरी की डेडलाइन को भी बढ़ाकर 31 मार्च कर दिया।

'डिलिमिटेशन पेंडिंग होना चुनाव टालने का आधार नहीं'

9 जनवरी को, हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार की पंचायती राज बॉडीज के चुनाव छह महीने टालने की अर्जी खारिज कर दी थी, और उसे 30 अप्रैल से पहले चुनाव कराने का निर्देश दिया था।

हालांकि, टॉप कोर्ट ने टाइमलाइन एक महीने बढ़ाते हुए कहा कि हाईकोर्ट का यह कहना सही था कि डिलिमिटेशन का काम पेंडिंग होना ग्रामीण और शहरी लोकल बॉडीज के चुनावों में 'देरी और रुकावट' डालने का आधार नहीं हो सकता। हालांकि, बेंच ने कहा कि मॉनसून और पहाड़ी राज्य को आम तौर पर होने वाली मुश्किलों को ध्यान में रखते हुए, चुनाव प्रक्रिया 31 मई से पहले पूरी हो जानी चाहिए।

हाईकोर्ट ने चुनाव टालने को चुनौती देने वाली PIL का निपटारा करते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार और राज्य चुनाव आयोग को 30 अप्रैल तक पूरी चुनाव प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया था। यह कहते हुए कि राज्य में सरकारी और प्राइवेट प्रॉपर्टी और सड़कों को बहुत नुकसान हुआ है, राज्य सरकार ने चुनाव आयोग से जमीनी हालात सुधरने तक चुनाव प्रक्रिया रोकने का आग्रह किया था।

सरकार ने यह भी कहा कि राज्य में डिजास्टर एक्ट लागू है। हालांकि, हाईकोर्ट ने लगातार तीन दिनों तक दलीलें सुनने के बाद सरकार को 30 अप्रैल से पहले चुनाव कराने का निर्देश दिया।

सामाचार एजेंसी पीटीआई की इनपुट के साथ।