शिमला, जागरण संवाददाता। दो महीने से कोरोना फ्री चल रहा शिमला जिला भी अब संक्रमण की चपेट में आ गया है। इससे पहले शिमला में दो केस बताए जाते हैं, इसमें से एक मामला सरकाघाट के संक्रमित युवक की माता का आैर दूसरा हमीरपुर से आई महिला का माना जा रहा है। लेकिन दोनाें महिलाएं यहां उपचार के लिए पहुंची थीं व सैंपल लेने पर ये पॉजिटिव पाई गईं।

वहीं 18 मई को मुंबई से लौटे तीन युवक देहा के लोक निर्माण विभाग के रेस्ट हाउस में संस्थागत क्वारंटाइन थे। इन तीनों के टेस्ट पाॅजीटिव पाए गए हैं। इसमें एक 26, दूसरा 22 आैर तीसरा 29 साल का युवक है। एेसे ही तीन अन्य व्यक्ति भी इस क्वारंटाइन सेंटर में रह रहे थे, इनके भी एहतियातन सैंपल लिए गए हैं। अभी इनके टेस्ट की रिपोर्ट का इंतजार है। शाम तक इन तीनों के टेस्ट की रिपोर्ट आ सकती है।

मुंबई से ट्रेन में ऊना पहुंचने के बाद इन्हें सीधे इस क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया था। इस कारण ये लोग अपने परिवार या अन्य किसी के संपर्क में नहीं आए हैं। इन तीनों ही मरीजों को प्रशासन ने पाॅजीटिव आने के बाद मशोबरा में बनाए गए कोरोना समर्पित केंद्र में रखा है। इन तीनों में अभी तक कोरोना के लक्षण नहीं हैं।

उन्हीं मरीजों को रिपन अस्पताल में रखा जाना प्रस्तावित है, जिनमें लक्षण होंगे आैर मरीजों को वेंटीलेटर की जरूरत महसूस होगी। जिला उपायुक्त शिमला अमित कश्यप ने माना कि तीन मरीज पाॅजीटिव पाए गए हैं। इनमें लक्षण न पाए जाने पर मशोबरा में बनाए केंद्र में शिफ्ट किया जा रहा है।

Posted By: Rajesh Sharma

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