राज्य ब्यूरो, शिमला : लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के करसोग मंडल में चहेते ठेकेदारों को करोड़ों रुपये के ठेके बांटने के मामले का गुणवत्ता नियंत्रण विग ने कड़ा संज्ञान लिया है। यह विग मुख्यमंत्री के अधीन कार्य करता है। अब पीडब्ल्यूडी करसोग के एक्सईएन को नोटिस जारी होगा। उनसे इस मामले की तथ्यों सहित रिपोर्ट तलब की जाएगी।

रिपोर्ट को कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के पास भेजा जाएगा। गुणवत्ता नियंत्रण विग के मुखिया डीजी रैंक के अधिकारी और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू हैं। दैनिक जागरण ने यह मामला प्रमुखता से उठाया था। सूचना का अधिकार के तहत ली गई जानकारी से खुलासा हुआ है कि करसोग मंडल में कानून का नहीं बल्कि ठेकेदारों का राज चल रहा है। न तो ई टेंडरिग हो रही है और न ही सामान्य टेंडर लगाए जाते हैं। ठेकों को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटा गया है। दस करोड़ रुपये के कार्य 1035 ठेकेदारों को बांटे गए हैं। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया नहीं अपनाई गई है। इन कार्यो की जानकारी समाचार पत्रों में भी प्रकाशित नहीं की गई। केवल 48 कार्यो को ही पब्लिश किया गया जो 20 करोड़ की लागत के हैं। इससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। टेंडर न लगने से निर्माण कार्यो में प्रतियोगी रेट नहीं आ रहे हैं। इससे सरकार को भी चूना लग रहा है। पारदर्शिता नहीं बरती गई है। ठेकों के आवंटन में भ्रष्टाचार की बू आ रही है।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस