राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल पुलिस में अब नया रैंक होगा। 32 साल का सेवाकाल पूरा करने वाले ऑनरेरी हेड कांस्टेबल (एचएचसी) व हेड कांस्टेबल (एचसी) को ऑनरेरी एएसआइ (एचएएसआइ) का दर्जा मिलेगा। प्रदेश में एचएएसआइ की नई व्यवस्था होगी। इनका काम तो हेड कांस्टेबल का ही होगा मगर इनका पदनाम एचएएसआइ होगा। कंधे पर एक स्टार लगेगा। इस सिलसिले में डीजीपी एसआर मरडी ने स्टेंडिंग ऑर्डर जारी कर दिए हैं। लेकिन इसके लिए गृह विभाग की अधिसूचना का इंतजार करना होगा। 

विभाग हिमाचल पुलिस एक्ट 2007 में इस बदलाव को शामिल करेगा। इससे 377 एचएचसी और 123 हेड कांस्टेबल लाभान्वित होंगे। लेकिन इसे पदोन्नति नहीं माना जाएगा। इन्हें काम हेड कांस्टेबल का करना होगा। ये वर्दी एएसआइ की पहन सकेंगे। इसके लिए कई शर्ते रखी गई हैं। पांच साल में मेजर पेनल्टी व छह महीने में माइनर पेनल्टी नहीं होनी चाहिए। सर्विस रिकॉर्ड संतोषजनक रहा हो। पिछले साल की एसीआर में एडवर्स टिप्पणी न की गई हो। संबंधित कर्मी का नाम ऑफिसर ऑफ डाउटफुल इंटेग्रिटी (ओडीआइ) लिस्ट में नहीं होना चाहिए। 

120 रुपये बढ़ेगी स्पेशल पे

एचएएसआइ को 120 रुपये अतिरिक्त स्पेशल पे मिलेगी। एचएचसी को अभी 80 रुपये स्पेशल पे मिलती है। इससे सरकार पर 69840 रुपये प्रति माह अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। सालाना आठ लाख 39 हजार 80 रुपये बोझ डलेगा।

एक पदोन्नति के ही बाद सेवानिवृत्ति

पंजाब में कांस्टेबल सेवानिवृत्ति तक इंस्पेक्टर तक पदोन्नत हो जाता है। लेकिन हिमाचल में बड़ी मुश्किल से ऑनरेरी हेड कांस्टेबल या हेड कांस्टेबल बन पाता है। बी वन टेस्ट पास करने वाले को थोड़ी राहत मिल पाती है। लेकिन अधिकांश कांस्टेबल एक पदोन्नति के ही बाद ही सेवानिवृत्त हो जाते हैं। बीस साल के सेवाकाल के बाद ही ऑनरेरी हेड कांस्टेबल का दर्जा मिलता है। कइयों को 22 साल के बाद भी यह दर्जा नहीं मिल पाया है।

 

Posted By: Babita