शिमला, राज्य ब्यूरो। हिमाचल प्रदेश में अब नया लोकायुक्त एक्ट लागू हो गया है। इसे पांच साल बाद लागू किया गया है। गृह विभाग (विजिलेंस) के प्रधान सचिव ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। इसके साथ ही लोकायुक्त एक्ट-2014 औपचारिक तौर पर अस्तित्व में आ गया है। अभी लोकायुक्त का पद रिक्त है। अब जल्द नियुक्ति के लिए प्रक्रिया आरंभ होगी। मौजूदा वक्त में इस संस्थान में सचिव, रजिस्ट्रार, एएसपी कार्यरत हैं। सचिव आइएएस, रजिस्ट्रार जिला एवं सत्र न्यायाधीश रैंक के और एएसपी पुलिस कॉडर से हैं। इनके अलावा करीब 36 कर्मचारियों का स्टाफ भी तैनात हैं।

नए एक्ट के तहत लोक सेवक से लेकर जनप्रतिनिधि के भ्रष्टाचार मामलों की जांच हो सकती है। इनमें विधायक और मंत्रियों के भ्रष्टाचार के आरोपों की भी जांच हो सकती है। इसके लिए शिकायकर्ता को शपथपत्र देना होगा। अगर यह झूठी पाई गई तो शिकायकर्ता पर भी मामला दर्ज होगा।

शिमला, धर्मशाला व मंडी में खुलेंगे थाने

अब लोकायुक्त का अलग थाना होगा। प्रथम चरण में शिमला, धर्मशाला व मंडी में थाने खुलेंगे। हिमाचल प्रदेश लोकायुक्त एक्ट-1983 में जांच व अभियोजन विंग नहीं थी। इसे स्थापित करने के लिए नए एक्ट के तहत स्टाफ की और जरूरत पड़ेगी। निदेशक जांच और निदेशक अभियोजन की नियुक्ति होगी। हालांकि यहां प्रशासनिक विंग पहले से ही है। लोकायुक्त थाना में ही प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट-1988 (केंद्र) और 1983 (राज्य) के तहत केस दर्ज किए जाएंगे। साथ ही कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसिजर एक्ट-1973 के तहत पुलिस स्टेशनों की प्रक्रिया चलेगी। हिमाचल प्रदेश लोकायुक्त में तीन बार संशोधन के बाद लागू होगा।

जस्टिस एलएस पांटा रहे हैं लोकायुक्त जस्टिस एलएस पांटा लोकायुक्त रहे हैं। उनका कार्यकाल फरवरी 2017 को खत्म हो गया था। तबसे यह पद रिक्त है। पहले लोकायुक्त के पास जांच एवं अभियोजन की शक्तियां नहीं होने से कई मामलों पर सुनवाई भी नहीं हो पाई।

जंग खा रही गाड़ियां

पूर्व लोकायुक्त के कार्यकाल की दो महंगी गाड़ियां लोकायुक्त की कोठी के बाहर जंग खा रही हैं। सूत्रों के अनुसार इन्हें जीएडी के पूल में जमा नहीं करवाया गया है। इस कोठी के बाहर भी कई लोग अपने वाहन खडे़ करते हैं। 

परिसंपत्तियों, तबादला आदेश की देनी होगी सूचना

प्रत्येक सक्षम प्राधिकारी क्लास वन, टू और थ्री के कर्मचारियों, अधिकारियों के तबादलों, तैनाती के आदेश की सूचना लोकायुक्त को देनी होगी। इसी तरह लोक सेवकों की परसंत्तियों से संबंधित सूचना भी लोकायुक्त को देनी होगी। यह सूचना हर साल 30 सितंबर या इससे पहले देनी होगी।

राष्ट्रपति की कब मिली मंजूरी

30 जून 2015 को राष्ट्रपति ने हिमाचल प्रदेश लोकायुक्त एक्ट-2014 को मंजूरी दी थी। हिमाचल में पहली बार लोकायुक्त एक्ट-1983 में आया। एक्ट में संशोधन के साथ सशक्त बनाने के लिए तत्कालीन भाजपा सरकार ने 2011 में राष्ट्रपति को भेजा, लेकिन मंजूरी नहीं मिली थी। 2012 में प्रदेश में कांग्रेस सत्ता में आई तो बजट सत्र 2013 में संशोधित बिल लाया, जिसे शीतकालीन सत्र धर्मशाला में विपक्ष द्वारा विरोध करने पर वापस लिया गया। फिर 2015 के बजट सत्र में संशोधन के साथ विधानसभा में पास किया, जिस पर 30 जून 2015 को राष्ट्रपति ने मंजूरी दे दी थी।

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Posted By: Babita kashyap

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