राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड (अब कर्मचारी चयन आयोग) हमीरपुर में करीब 16 साल पहले हुए भर्ती घोटाले में गिरफ्तार पूर्व चेयरमैन एसएम कटवाल को सजा काटने के लिए आदर्श जेल कंडा लाया गया। कटवाल को जेल में वीआइपी ट्रीटमेंट नहीं मिलेगी। उन्हें दूसरे साधारण सजायाफ्ता कैदियों के साथ जेल की बैरक में रातें गुजारनी पड़ेंगी।

ऊना जिला की पुलिस बुधवार को पूर्व आइएएस अधिकारी कटवाल को लेकर शिमला के साथ लगते ग्रामीण क्षेत्र मेंं स्थित आदर्श जेल कंडा पहुंची। सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें बैरक में डाल दिया गया। पुलिस कटवाल को जेल प्रशासन के हवाले कर वापस लौट गई।

कोटखाई में छात्रा की दुष्कर्म के बाद हत्या के आरोपित सूरज की पुलिस हिरासत में मौत मामले में आरोपित निलंबित आइजी जहूर हैदर जैदी सहित आठ पुलिस अधिकारी व कर्मचारी भी कंडा जेल में बंद हैं। इन आरोपितों को वीआइपी सुविधाएं प्रदान की गई हैं। लेकिन कटवाल को इनके साथ नहीं रखा जाएगा। उन्हें अकेले रहने के लिए वीआइपी सेल नहीं मिलेगा।

अन्य कैदियों की तरह मिलेगा खाना

अस्सी वर्षीय कटवाल ने आदर्श जेल कंडा पहुंचते ही जेल प्रशासन को एक सूची दी। कटवाल ने कहा कि उनकी उम्र को देखते हुए सूची में शामिल खाना ही उन्हें दिया जाए। हालांकि जेल प्रशासन ने उन्हें सूची में शामिल खाना देने से इनकार कर दिया। प्रशासन ने कहा कि कटवाल को भी अन्य कैदियों को मिलने वाला खाना दिया जाएगा।

दो साल से भूमिगत थे कटवाल

भर्ती घोटाले में सजा होने के बाद कटवाल दो साल से भूमिगत थे। अदालत ने उन्हें भगोड़ा घोषित किया था। अदालत से बार-बार मोहलत मिलने के बाद भी वह आत्मसमर्पण नहीं कर रहे थे। दोषी कटवाल की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी थी। विजिलेंस ने मंगलवार को कटवाल को ऊना में पकड़ा था। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने एक साल का जेल वारंट बनाकर उन्हें कंडा जेल भेजने का आदेश दिया था।

भर्तियों में पक्षपात का आरोप

कटवाल पर आरोप है कि उन्होंने वर्ष 2001-02 में अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड का चेयरमैन रहते हुए भर्तियों के दौरान साक्षात्कार में अंक देने के मामले में पक्षपात किया। इस कारण योग्य अभ्यर्थी सरकारी नौकरी प्राप्त करने से वंचित रह गए। कटवाल कच्ची पेंसिल का इस्तेमाल करते थे और बाद में अंकों में फेरबदल किया जाता था।

 

Posted By: Sachin Mishra