राज्य ब्यूरो, शिमला : सत्ता पक्ष के अंदर भी विपक्ष है। वीरवार को सत्ताधारी दल भाजपा से जुड़े दो विधायकों रमेश धवाला व सुखराम चौधरी के तेवरों से कुछ ऐसा ही लगा। धवाला के एक सवाल को विपक्षी दल कांग्रेस के विधायकों ने हाथोंहाथ ले लिया।

धवाला ने सवाल पूछा था कि तीन वर्षो में कितने कर्मचारियों को सेवाविस्तार दिया गया और इसके लिए कितनी राशि खर्च की गई। इसके जवाब में कहा गया कि सूचना एकत्रित की जा रही है। लेकिन नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री को अपनी बात रखने का मौका मिल गया। उन्होंने कहा कि ऐसा न करें, सूचना देनी चाहिए। अहम सवाल है, इसलिए उत्तर दें। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि लंबी सूची है। काफी विस्तृत प्रश्न पूछा है। सूचना छिपाने की सरकार की कोई मंशा नहीं है। मुकेश इससे संतुष्ट नहीं हुए। दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। अग्निहोत्री ने भाजपा सरकार को उसका नारा याद दिलाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने नारा दिया था कि रिटायर्ड, टायर्ड नहीं चलेंगे। लेकिन सरकार में आने के बाद उन्हें वे क्यों रखने पड़ रहे हैं, इस संबंध में बताया जाए कि क्या नीति और सोच है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष कुछ न कुछ खोदाई करने की कोशिश कर रहा है मगर कुछ नहीं निकलेगा। अगले सत्र में पूरी जानकारी आ जाएगी। भाजपा सरकार ने पूर्व कांग्रेस सरकार के मुकाबले काफी कम मामलों में सेवाविस्तार दिया है। हमने केवल गुण-दोष के आधार पर सेवाविस्तार दिया है। सदन में लगे ठहाके

प्रश्नकाल की कार्यवाही आरंभ होने से पहले सदन में खूब ठहाके लगे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिदल ने किसी बात पर कहा, 'मुकेश जी आपकी हंसी बड़ी कातिल है'। इस पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि इनका अंदाज ही कातिल है। मुकेश ने कहा, 'बिदल साहब आप तो देखते हैं, सीएम साहब तो देखते ही नहीं हैं'। मुख्यमंत्री ने मुस्कराते हुए कहा, 'हम बीच में से देखते हैं'। इससे माहौल खुशनुमा हो गया। लेकिन कुछ देर बाद ही राजनीति के दो दिग्गज आमने-सामने आ गए।

Posted By: Jagran

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