शिमला, रामेश्वरी ठाकुर world vision day 2019 अगर आपका बच्चा मोबाइल फोन समेत अन्य आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल ज्यादा करता है तो संभल जाएं। आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों मोबाइल फोन, टैब और लैपटॉप पर नजरें गड़ाए रहने से बच्चों की आंखों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इससे बच्चों की दूर की नजर कमजोर हो रही है। लगातार नजदीक से देखने के कारण आंखों पर जोर पड़ता है और आंखों में रूखापन आ रहा है। इससे बच्चों की आंखें टेढ़ी होती जा रही हैं। उनके चश्मे का नंबर बढ़ रहा है। बड़ों में कंप्यूटर विजन ड्रोम भी बढ़ रहा है। शिमला के क्षेत्रीय अस्पताल डीडीयू में आंखों में दर्द से पीड़ित 100 से 150 मरीज रोजाना पहुंच रहे हैं। 

चिकित्सकों का मानना है कि आंखें दूर और नजदीक की चीजें देखने में भी सक्षम होती हैं। लगातार नजदीक का देखने से बच्चों की आंखें नजदीक की चीजें देखने की आदी हो रही हैं। इससे दूर की नजर कमजोर हो रही हैं। बच्चों को इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की चपेट में आने से बचाने के लिए उन्हें रोजाना कम से कम एक घंटा बाहर के लिए बिताने को प्रोत्साहित करना चाहिए। 

बच्चों को मोबाइल फोन व टैब से रखें दूर

डीडीयू की नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ. आरती का कहना है कि अभिभावकों को चाहिए कि बच्चों को मोबाइल फोन, टैब और लैपटॉप के इस्तेमाल से बिलकुल दूर रखें। इन उपकरणों से बच्चों की आंखों के आकार सहित स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। बड़ों की भी कंप्यूटर या लैपटॉप पर दिनभर काम करने से आंखें खराब हो रही हैं। आंख और सिर में दर्द रहना, आंख में खारिश, लाली आना आंखों में इंफेक्शन होने के लक्षण हैं।

कैसे करें आंखों का बचाव

आंखें शरीर का बेहद कोमल अंग हैं इसलिए इनकी सही से देखभाल करना जरूरी है। सुबह उठने और रात को सोने से पहले बंद आंखों पर पानी के छींटे मारें। इससे आंखों को आराम मिलेगा। पलकें पूरी झपकाएं। खुली आंखों में पानी के छींटे मारने से इनफेक्शन (संक्रमण) होने का ज्यादा खतरा हो सकता है। लगातार कंप्यूटर पर काम करने के बाद दूर नजर दें और पांच से 10 सेंकेंड के लिए आंखें बंद करें। जलन होने और पानी बहने की स्थिति में आखों को मलें नहीं बल्कि नजदीकी नेत्ररोग विशेषज्ञ से जांच करवाएं।

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Posted By: Babita kashyap

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