राज्य ब्यूरो, शिमला : सोलन जिला के नालागढ़ में स्थापित होने वाले मेडिकल डिवाइस पार्क में पांच हजार करोड़ रुपये का निवेश होने की संभावना है। दीपावली के बाद नई दिल्ली में मेडिकल डिवाइस पार्क में निवेश की इच्छुक कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर होंगे।

आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में दक्षिण एशिया के पहले मेडिकल टेक जोन पार्क का दौरा करके राज्य उद्योग विभाग के निदेशक राकेश कुमार प्रजापति की अध्यक्षता में अतिरिक्त निदेशक तिलकराज शर्मा, नालागढ़ के अद्योग महाप्रबंधक साक्षी सत्ती और ई एंड वाई के सदस्यों की टीम अध्ययन कर लौट आई है। मेडिकल टेक जोन डिवाइस पार्क में 80 दवा कंपनियां काम कर रही हैं। इसकी प्रयोगशाला, शोध एवं विकास केंद्र व आउट सेंटर टेस्टिंग लैब अति आधुनिक है। उद्योग विभाग के निदेशक राकेश कुमार प्रजापति ने बताया कि नई दिल्ली में मेडिकल डिवाइस एसोसिएशन के साथ संवाद कार्यक्रम हुआ। इसमें उद्योग विभाग की ई एंड वाई एजेंसी ने राज्य में स्थापित होने वाले मेडिकल डिवाइस पार्क के संबंध में प्रस्तुति दी। इससे पहले 24 सितंबर को केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को 100 करोड़ रुपये की ग्रांट इन एड के तहत मेडिकल डिवाइस पार्क स्वीकृत किया था। सोलन जिला के तहत आने वाले औद्योगिक क्षेत्र नालागढ़ के घनौली में 265 एकड़ भूमि पर पार्क स्थापित होगा। पार्क की लागत 268 करोड़ रुपये होगी जिसमें से राज्य सरकार को 161 करोड़ रुपये का खर्च वहन करना पड़ेगा। आंध्र प्रदेश की कंपनियों ने जताई हिमाचल आने की इच्छा

विशाखापट्टनम में स्थापित मेडिकल टेक जोन डिवाइस पार्क में काम करने वाली आंध्र प्रदेश की कई कंपनियों ने हिमाचल प्रदेश आने की इच्छा जाहिर की है। प्रदेश सरकार की ओर से भी मेडिकल डिवाइस पार्क की कंपनियों को हिमाचल आने का न्योता दिया गया। दीपावली के बाद दिल्ली में होगी इन्वेस्टर कानक्लेव

हिमाचल में मंडी लोकसभा क्षेत्र और अर्की, जुब्बल कोटखाई व फतेहपुर विधानसभा क्षेत्रों में हो रहे उपचुनाव के कारण नई दिल्ली में इन्वेस्टर कानक्लेव के कार्यक्रम में बदलाव किया गया है। अब यह कानक्लेव दीपावली के बाद नई दिल्ली में होगी। इसमें मेडिकल डिवाइस पार्क में निवेश करने की इच्छुक कंपनियों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे। नई दिल्ली में सात हजार करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू होने की उम्मीद है।

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