राज्य ब्यूरो, शिमला : हिमाचल के हजारों पौंग बांध विस्थापित परिवारों की समस्याओं को लेकर दिल्ली में सोमवार (11 नवंबर) को उच्चस्तरीय कमेटी की बैठक बुलाई गई है। यह बैठक केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय के सचिव यूपी सिंह की अध्यक्षता में दिल्ली में होगी। इसमें हिमाचल व राजस्थान के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। हिमाचल से राजस्व विभाग के प्रधान सचिव ओंकार शर्मा शामिल होंगे।

पौंग बांध विस्थापित वर्षो से अपने हक के लिए उम्मीद लगाए बैठे हैं। विस्थापित लगातार आरोप लगाते रहे हैं कि राजस्थान सरकार ने उन्हें ऐसे क्षेत्रों में जमीन दी है जहां पर सड़क, अस्पताल, स्कूल, कॉलेज जैसी कोई भी मूलभूत सुविधाएं ही नहीं हैं।

हिमाचल सरकार भी लगातार राजस्थान सरकार के समक्ष इनकी समस्याओं को रखती रही है लेकिन अब भी कई विस्थापित न्याय का इंतजार कर रहे हैं। सोमवार को होने वाली बैठक से भी इन लोगों को कुछ उम्मीद बंधी है।

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क्या है मामला

पौंग बांध के लिए 1971 में 339 गांव के 20722 परिवारों की भूमि का अधिग्रहण किया गया। जब पौंग बांध का निर्माण हुआ तो उस समय हिमाचल और राजस्थान सरकार में समझौता हुआ था कि विस्थापितों को मूलभूत सुविधाओं से लैस जमीन श्रीगंगानगर में दी जाएगी। उस समय श्रीगंगानगर में 2.20 लाख एकड़ जमीन संरक्षित की थी, लेकिन उस जमीन पर विस्थापितों की जगह राजस्थान के लोगों को ही अवैध रूप से बसा दिया गया।

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पौंग बांध विस्थापितों की समस्या के हल के लिए गठित केंद्रीय हाई पावर कमेटी दिसंबर में राजस्थान का दौरा करेगी। वहां पर बांटी गई जमीनों का आकलन करेगी।

-मनीषा नंदा, अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व

Posted By: Jagran

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