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60 मिनट में मंडी से कुल्लू, हिमाचल में आज खुलेगीं देवड़ और हनोनी टनल; लेह-लद्दाख का सफर हुआ सुपरफास्ट

Published: Fri, 11 Sep 2026 12:05 AM (IST)Updated: Fri, 11 Sep 2026 08:04 AM (IST)

आज 11 सितंबर से पंडोह-टकोली खंड पर देवड़ और हनोगी सुरंगें यातायात के लिए खुल जाएंगी, जिससे कुल्लू-मनाली और लेह-लद्दाख की यात्रा आसान होगी।

आज से खुलेंगी देवड़ और हनोगी सुरंगें, मंडी से कुल्लू का सफर होगा मात्र 60 मिनट का।

आज से खुलेंगी देवड़ और हनोगी सुरंगें, मंडी से कुल्लू का सफर होगा मात्र 60 मिनट का।

HighLights

  1. आज से देवड़ और हनोगी सुरंगें यातायात के लिए खुलीं

  2. मंडी से कुल्लू का सफर अब मात्र 60 मिनट में

  3. पर्यटन सीजन में लगने वाले भारी जाम से मिलेगी मुक्ति

राज्य ब्यूरो, शिमला। कुल्लू-मनाली और लेह-लद्दाख की रोमांचक यात्रा अब न केवल आसान होगी, बल्कि घंटों के जाम से भी मुक्ति मिलेगी। आज यानी 11 सितम्बर से पंडोह-टकोली खंड (एनएच-03) पर बनी दो प्रमुख सुरंगें, देवड़ और हनोगी यातायात के लिए खोल दी जाएंगी।

इन दोनों सुरंगों के शुरू होने से प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को एक नई रफ्तार मिलेगी और पहाड़ों का सफर पहले से कहीं ज्यादा सुगम हो जाएगा। लंबे समय से इस मार्ग पर सुरक्षित और तेज कनेक्टिविटी की मांग की जा रही थी। अब सड़क संपर्क बेहतर होने और यातायात सामान्य रहने की स्थिति में मंडी से कुल्लू की यात्रा का समय घटकर आधा रह जाएगा। पहले जहां इस सफर में लगभग 2 घंटे लगते थे, वहीं अब मात्र 60 मिनट में यह दूरी तय की जा सकेगी।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस महत्वपूर्ण जानकारी को साझा करते हुए इसे हिमाचल के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश में लोगों के लिए सुरक्षित, तेज और विश्वसनीय सड़क संपर्क विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य जारी है।

पर्यटन सीजन में जाम के झाम से मिलेगी मुक्ति

हर साल पर्यटन सीजन के दौरान जोगनी माता मंदिर, देवड़ और हनोगी क्षेत्र में भारी यातायात के कारण 1 से 2 घंटे (या उससे भी अधिक) का लंबा जाम लग जाता था। इससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था।

अब पहली सुरंग 'देवड़' (लंबाई 2.8 किलोमीटर) और दूसरी हनोगी (लंबाई 650 मीटर) के खुलने से इन क्षेत्रों में यातायात का दबाव काफी कम हो जाएगा। सुरंगों के संचालन से प्रभावित सड़क क्षेत्र की दूरी भी लगभग 6 किलोमीटर से घटकर 3.5 किलोमीटर रह जाएगी।

4465 करोड़ रुपये के मेगा प्रोजेक्ट का है हिस्सा

यह महत्वपूर्ण निर्माण कार्य एनएच-21 के एंड ऑफ पंडोह बाइपास टकोली खंड के 4,465.94 करोड़ रुपये के फोरलेनिंग प्रोजेक्ट का एक अहम हिस्सा है। करीब 18.908 किलोमीटर लंबे इस कारिडोर का निर्माण हाइब्रिड एन्युटी मोड के तहत किया जा रहा है। इसका सीधा लाभ राज्य के पर्यटन उद्योग और अर्थव्यवस्था को मिलेगा।