जागरण संवाददाता, शिमला : राजधानी शिमला में बारिश का कहर थमता नजर नहीं आ रहा है। शनिवार रात और रविवार दिन को हुई भारी बारिश से शहर के कई क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ। बारिश से कई मकान खतरे की जद में आ चुके हैं। इसके अलावा राजधानी के विभिन्न हिस्सों में पेड़ धराशायी हो गए, जबकि कई स्थानों पर भूस्खलन से जहां पर मार्ग बंद हुए वहीं कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। शिमला के मल्याणा में दूसरे दिन भी राष्ट्रीय राजमार्ग बहाल नहीं हो पाया है। इस कारण शहर में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सेब और सब्जियों से भरे ट्रक वाया लक्कड़ बाजार आ रहे हैं, जिस कारण ढली से लक्कड़ बाजार विक्ट्री टनल, क्रॉसिंग से शोघी तक लंबा जाम लग रहा है। लोगों को आधे घंटे का सफर तय करने में तीन से चार घंटे लग गए। इसके अलावा संजौली से लक्कड़ बाजार सड़क पूरी तरह धंस गई है। यहां पर अब बड़े वाहनों का आना मुश्किल है। सड़क से वन वे ट्रैफिक ही चल रहा है। इसके अलावा फागली ग्राउंड में एक विशाल पेड़ धराशायी हो गया, जिससे स्कूल भवन को क्षति पहुंची है। गनीमत यह रही कि बारिश के कारण ग्राउंड पर बच्चे खेल नहीं रहे थे अन्यथा कोई बड़ा हादसा पेश आ सकता था।

ढली-संजौली बाईपास पर पहाड़ी से पत्थरों के गिरने का क्रम जारी है। इससे बार-बार मार्ग बंद हो रहा है। पहाड़ी से पत्थर गिरने से कई घरों को खतरा पैदा हो गया है। शिमला-नालदेहरा मार्ग पर मशोबरा के पास पहाड़ी से मलबा गिरने से राज्य मार्ग पर जाम लग रहा है। जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली सहित पेयजल व्यवस्था भी बाधित हो गई है। शिमला के साथ लगते ग्रामीण क्षेत्र में बिजली की तारों पर पेड़ गिर जाने से बिजली आपूर्ति बाधित है

मौसम विभाग के अनुसार राजधानी में मौसम में फिलहाल किसी तरह का परिवर्तन आने की कोई संभावना नहीं है। 10 सितंबर को भी भारी बारिश होने की संभावना है।

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सेब और सब्जी से भरे ट्रक फंसे

मल्याणा बाईपास में मार्ग बंद होने के करण सेब और सब्जी के करीब 300 ट्रक फंसे हुए हैं। किसानों-बागवानों की सब्जियां और सेब सड़ने के कगार पर पहुंच चुके हैं। बहुत कम संख्या में ट्रक शिमला से बाहर जा पा रहे हैं, जिससे सेब व सब्जियों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।

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छुट्टी के बावजूद घरों से नहीं निकले लोग

रविवार को अवकाश के बावजूद बाजारों में कोई खास रौनक नहीं दिखी। लोग बारिश के कारण घरों में ही दुबके रहे और बाजार सुनसान रहे। वीकेंड पर घूमने आए अन्य राज्यों के पर्यटक भी होटलों में दुबके रहे। हालांकि सुबह कुछ देर के लिए मौसम साफ रहा, लेकिन जैसे ही लोग बाहर निकलना शुरू हुए वैसे ही बारिश शुरू हो गई। बारिश के कारण राजधानी के अधिकतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है।

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किसान परेशान

ग्रामीण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण खेतों में पानी जमा हो रहा है, जिस कारण फसलें खराब होने की कगार पर पहुंच चुकी है। इसके अलावा संपर्क मार्ग बंद होने से किसानों को उत्पाद मंडी तक पहुंचाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

Posted By: Jagran