शिमला, राज्य ब्यूरो। सीबीआइ ने कोटखाई छात्रा दुष्कर्म व हत्या मामले में तीन व्यक्तियों को पूछताछ के लिए पकड़ा है। सूत्रों के अनुसार इन तीनों पर मामले से जुड़े तथ्यों को नष्ट करने का शक है। हालांकि सीबीआइ के अधिकारियों ने किसी भी नए आरोपी की गिरफ्तारी से इन्कार किया है।

 

इस मामले की सीबीआइ जांच के 10 दिन पूरे होने पर सीबीआइ प्रदेश उच्च न्यायालय में बुधवार को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करेगी। मंगलवार को दिल्ली से विशेष रूप से शिमला पहुंची सीबीआइ की महिला संयुक्त निदेशक ने अभी

तक की सीबीआइ की जांच का पूरा ब्योरा लिया और स्टेटस रिपोर्ट को दाखिल करने से पहले सारे मामले को खंगाला।

 

इस मामले मेंं सीबीआइ न्यायिक हिरासत में चल रहे पांच आरोपियों के साथ हलाईला के नामी बागवान अनंतराम नेगी, छात्रा के सहपाठियों, आरोपियों के दोस्तों, दुकानदारों व छात्रा के परिजनों से भी पूछताछ कर चुकी है। महिला अधिकारी ने अभी तक की गई पूछताछ और तथ्यों के आधार पर मुख्य आरोपियों का पता लगा लिया है। अब यह सब फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर पुख्ता होगी। इसी सप्ताह जुन्गा लैब द्वारा भी सारी रिपोर्टों को भेजा जाएगा। प्रदेश सरकार ने ठियोग में धरना प्रदर्शन, थाने में तोडफ़ोड़ व चक्का जाम के बाद कोटखाई मामले की जांच सीबीआइ को सौंपने के आदेश जारी कर दिए थे। इसके बाद भी जब सीबीआइ ने जांच शुरू नहीं की तो प्रदेश सरकार ने उच्च न्यायालय में सीबीआइ को जांच शुरू करने के लिए याचिका दायर कर दी।

 

प्रदेश सरकार द्वारा सीबीआइ जांच के आदेश जारी करने के करीब एक सप्ताह के बाद कोटखाई थाने में आग लगाई गई। प्रदेश उच्च न्यायालय के सीबीआइ को तीन सदस्यों एसआइटी से जांच के आदेश देने के बाद जांच शुरू की गई। इस संबंध में सीबीआइ ने दो मामले दर्ज किए, जिसमें से एक छात्रा से दुष्कर्म व हत्या के तहत

और दूसरा पुलिस लॉकअप में सूरज की हत्या का मामला। इस संबंध में सीबीआइ प्रदेश उच्च न्यायालय में स्टेटस रिपोर्ट दायर करेगी।

 

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Edited By: Babita Kashyap