हिमकेयर की जांच पर जयराम ठाकुर ने हिमाचल सरकार को घेरा, पूछा- नकली दवा रैकेट पर विजिलेंस क्यों हुई पीछे?
पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हिमकेयर जांच पर प्रदेश सरकार को घेरा है। उन्होंने नकली दवाओं के कथित रैकेट की विजिलेंस जांच से पीछे हटने पर सवाल उठाए हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर
HighLights
जयराम ठाकुर ने हिमकेयर जांच पर हिमाचल सरकार की मंशा पर सवाल उठाए।
नकली दवा रैकेट की विजिलेंस जांच से पीछे हटने पर आपत्ति जताई।
विजिलेंस ने वित्तीय जटिलता, मैनपावर की कमी का हवाला दिया।
जागरण संवाददाता, शिमला। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हिमकेयर की जांच को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए नकली दवाओं के कथित रैकेट की विजिलेंस जांच से पीछे हटने पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो ने पहली जुलाई को पत्र भेजकर मामले की जांच में असमर्थता जताई थी। उन्होंने कहा कि ब्यूरो ने मामले की वित्तीय प्रकृति को जटिल बताते हुए पर्याप्त मैनपावर, संसाधनों तथा राजस्व विभाग से जुड़े तकनीकी और डोमेन ज्ञान की कमी का हवाला दिया।
उन्होंने पूछा कि जब हिमकेयर मामले की जांच के लिए इतनी तत्परता दिखाई जा रही है तो नकली दवाओं, कथित जीएसटी चोरी और रिकार्ड में हेराफेरी जैसे गंभीर आरोपों की जांच से विजिलेंस क्यों पीछे हट रही है।
उन्होंने दावा किया कि मामले में एक दवा निर्माता पर नकली दवा की बिक्री और जीएसटी चोरी के लिए रिकॉर्ड में हेराफेरी के आरोप हैं। एक अन्य प्रतिनिधित्व में कथित तौर पर 27 से 28 टन कच्चे माल की अवैध सप्लाई और जीएसटी चोरी की बात सामने आने का भी उन्होंने उल्लेख किया।
सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि नकली दवाओं के मामले की जांच में तकनीकी और वित्तीय विशेषज्ञता की कमी क्यों बताई गई, जबकि हिमकेयर से जुड़े मामलों में जांच की जा रही है। सरकार की कथित व्यवस्था परिवर्तन की वास्तविक तस्वीर है और गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की जांच से पीछे हटने के पीछे सरकार की मंशा पर सवाल खड़े होते हैं।
