शिमला, राज्य ब्यूरो। सघन मिशन इंद्रधनुष-2 (आइएमआइ) को देश में सफलतापूर्वक चलाने और 90 फीसद लक्ष्य हासिल करने के लिए गाजियाबाद में स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय ने यूनिसेफ के सहयोग से 12 राज्यों के मीडिया प्रतिनिधियों के लिए कार्यशाला हुई। इसका उद्देश्य टीकाकरण में कम प्रदर्शन करने वाले 27 राज्यों के 272 उच्च प्राथमिकता वाले जिलों, उत्तर प्रदेश व बिहार के 109 जिलों और हिमाचल के चंबा जिले की संवेदनशील आबादी के बीच कवरेज को बढ़ावा देने के लिए फोकस करना रहा।

स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय के अतिरिक्त कमिश्नर टीकाकरण डॉ. एसके सिकंदर ने कहा कि वेक्सिन में जिंदगियां बचाने और रोगों को काबू में रखने की ताकत होने के स्पष्ट साक्ष्यों के बावजूद बहुत से बच्चों का टीकाकरण नहीं हो पाता है। ऐसे में उन्हें व उनके समुदाय को बीमारियां होने का खतरा रहता है। 

कार्यशाला में हिमाचल, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड से आए मीडियाकर्मियों ने भाग लिया। कार्यशाला में आइएमआइ के तहत टीकाकरण को रिपोर्ट करते वक्त संवेदनशीलता और सोशल मीडिया में गलत सूचनाओं से बचने के तरीके बताए गए।

मिशन इंद्रधनुष के लक्ष्य

  • 2014 में मिशन इंद्रधनुष (एमआइ) शुरू किया।
  • बीते वर्ष देश में 13000 बच्चों की काली खांसी से मौत हुई।
  • आइएमआइ-2 अभियान दिसंबर 2019 से मार्च 2020 तक चलेगा।
  • 2020 तक टीकाकरण कवरेज को 90 फीसद तक लाना है।
  • दो साल से कम आयु वाले बच्चों व गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण।

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Posted By: Babita kashyap

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