जागरण संवाददाता, शिमला : कोरोना क‌र्फ्यू में सख्ती के आदेश के बाद हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) ने ग्रामीण रूटों पर भेजीं अपनी सभी बसों को शिमला हेडक्वार्टर मंगवा लिया है। चालकों व परिचालकों को 16 मई तक छुट्टी दे दी गई है। हालांकि आपात सेवा के लिए जो बसें लगाई गई हैं उसमें स्टाफ को रोटेशन के अनुसार बुलाया जाएगा।

शनिवार को परिवहन निगम ने ग्रामीण रूटों पर बसें भेजी थीं। सभी बसें सुबह 10 से 11 बजे ही शिमला पहुंच गई। ओल्ड आइएसबीटी, न्यू आइएसबीटी सहित तारादेवी और ढली वर्कशॉप में बसों को खड़ा किया गया है। परिवहन निगम का तर्क है कि हेडक्वार्टर में बसें खड़ी रहने से जरूरत के समय इनकी सेवाओं को लिया जा सकता है।

सोमवार से बसें न चलने से लोगों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। खासकर गांव से बसों में दूध और सब्जियां लेकर आने वाले किसानों को। बसें न चलने से उन्हें कई किलोमीटर पैदल ही पहुंचना पड़ेगा। रविवार को उपनगरों में पेश आई दिक्कत

रविवार को शहर में भी काफी कम बसें चलीं। इसके कारण स्वास्थ्य कर्मियों, नगर निगम कर्मचारियों के अलावा जल शक्ति विभाग के कर्मचारी जिनकी रविवार को ड्यूटी थी उन्हें खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोग कई घंटों तक बसों का इंतजार करते रहे। जब बसें नहीं आई तो उन्हें पैदल ही अपने कार्यालय पहुंचना पड़ा। निजी बस ऑपरेटर पहले से हड़ताल पर हैं। इसके कारण लोगों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ा। कई लोग घंटों तक बसों का इंतजार करते रहे लेकिन बसें ही नहीं आई। इसके चलते उन्हें निजी वाहनों से गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। रविवार सुबह से ही सड़कों पर काफी कम बसें चल रही थीं। सुबह के समय कुछ बसें चलीं, लेकिन सवारियां कम होने पर दोपहर को उन्हें भी बंद कर दिया गया। एचआरटीसी के आरएम देवासेन नेगी ने बताया कि कुछ रूट को रविवार को क्लब किया गया था।