'हर वर्ग को बात रखने के लिए मिलना चाहिए मंच', विक्रमादित्य सिंह ने हिमाचल में सवर्ण आयोग गठन का किया समर्थन
हिमाचल प्रदेश के मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सवर्ण आयोग के गठन का समर्थन किया है, उनका मानना है कि हर वर्ग को अपनी बात रखने का मंच मिलना चाहिए।

शिमला ग्रामीण में खेल महाकुंभ के दौरान कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह व अन्य। जागरण
HighLights
मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सवर्ण आयोग गठन का समर्थन किया।
हर वर्ग को अपनी बात रखने का मंच मिलना चाहिए।
शिमला ग्रामीण में खेल महाकुंभ 2026 का शुभारंभ किया।
जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सवर्ण आयोग के गठन की मांग का समर्थन किया है। मंत्री ने कहा कि प्रदेश के हर वर्ग को अपनी बात रखने और समस्याएं सरकार तक पहुंचाने के लिए मंच मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार संविधान के दायरे में रहकर ही काम कर सकती है और सभी वर्गों को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए। विक्रमादित्य सिंह ने यह बात रविवार को शिमला ग्रामीण में खेल महाकुंभ 2026 के शुभारंभ के दौरान कही।
सभी वर्ग को मिले मंच
सवर्ण आयोग के गठन को लेकर राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के समर्थन के सवाल पर विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश में अनुसूचित जाति, जनजातीय क्षेत्रों, किसानों, बागवानों और ओबीसी वर्ग के लिए अलग-अलग बोर्ड बने हुए हैं। इसी तरह अन्य वर्गों को भी अपनी शिकायतें रखने और अपनी आवाज उठाने के लिए मंच मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने और उनकी आवाज को मजबूत करने के लिए काम करे, ताकि प्रदेश का हर वर्ग आगे बढ़ सके। प्रदेश और देश में सभी कार्य संविधान के माध्यम से ही होने हैं।
सरकार संविधान में सभी वर्गों को दिए गए अधिकारों के दायरे में रहकर ही निर्णय ले सकती है। उन्होंने कहा कि वह विधानसभा के भीतर और बाहर अपनी बात मजबूती से रखते हैं और सही का समर्थन तथा गलत का विरोध करना उनका प्रयास रहता है।
खेल महाकुंभ में 10000 युवा लेंगे भाग
विक्रमादित्य सिंह ने खेल महाकुंभ 2026 को लेकर कहा कि शिमला ग्रामीण में 25 अक्टूबर से 15 नवंबर तक विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। उन्होंने दावा किया कि इस आयोजन में करीब 9,500 से 10,000 प्रतिभागी हिस्सा लेंगे। इनमें युवा, महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि आयोजन का उद्देश्य खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ नशे के खिलाफ भी सकारात्मक संदेश देना है। खेल महाकुंभ में क्रिकेट, कबड्डी, वॉलीबॉल और रस्साकशी जैसी प्रतियोगिताएं करवाई जाएंगी। मंत्री ने बताया कि बॉक्सिंग को भी आयोजन में शामिल करने का फैसला किया गया है, जिसके कुछ मुकाबले सुन्नी में करवाए जाएंगे। इनमें स्कूल और कॉलेज के प्रतिभागियों को मौका मिलेगा।
