राज्य ब्यूरो, शिमला : प्रदेश सरकार ने नौ आइपीएस अफसरों की पदोन्नति को हरी झंडी दे दी है। सूत्रों के अनुसार शुक्रवार को राज्य सचिवालय में मुख्य सचिव अनिल खाची की अध्यक्षता में हुई स्क्रीनिग कमेटी की बैठक में इस पर मुहर लगा दी है। अब जल्द ही अधिसूचना होगी। स्क्रीनिग कमेटी के सिफरिशों के अनुसार तीन आइजी एडीजीपी बनेंगे, जबकि एक डीआइजी को आइजी का तोहफा मिलेगा। पांच एसएसपी को डीआइजी के रुप में पदोन्नति मिलेगी। प्रतिनियुक्ति वाले ऐसे अफसरों को परफॉर्मा प्रमोशन मिलेगी, यानी जहां सेवाएं दे रहे हैं वहीं पदोन्नत हो जाएंगे।

बैठक में एसएसपी से डीआइजी बनने के लिए 14 साल, डीआइजी से आइजी के लिए 18 साल और आइजी से एडीजीपी बनने के लिए 25 साल का सेवाकाल कंसीडर किया गया। इन मानक के अनुसार 1994 बैच के आइपीएस अधिकारी राकेश अग्रवाल के एडीजीपी बनने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। वह आइजी की वरिष्ठता सूची में नंबर वन पर हैं। अग्रवाल मार्च 2019 से सीबीआइ में संयुक्त निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें परफॉर्मा प्रमोशन मिलेगी। वर्ष 1995 बैच के एसपी सिंह और एन वेणुगोपाल भी एडीजीपी बनेंगे। सिंह अभी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। वेणुगोपाल सेंट्रल रेंज मंडी के आइजी हैं। 2002 बैच के आसिफ जलाल अकेले आइपीएस हैं। उन्हें आइजी बनाया जाएगा। जलाल अभी शिमला स्थित साउथ रेंज के डीआइजी हैं।

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जैदी पर भारी सूरज हत्याकांड जेडएच जैदी 1994 बैच के आइपीएस हैं, लेकिन सूत्रों के अनुसार उन्हें पदोन्नति के लिए कंसीडर नहीं किया गया है। कोटखाई छात्रा दुष्कर्म एवं हत्या मामले से जुड़ा सूरज हत्याकांड उनकी पदोन्नति पर भारी पड़ा है। जैदी लंबे अरसे तक न्यायिक हिरासत में रहे। हाल ही में वह दूसरी दफा सस्पेंड हुए। इनके खिलाफ चंडीगढ़ की सीबीआइ कोर्ट में ट्रायल चल रहा है।

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ये बनेंगे डीआइजी 2006 बैच में छह अधिकारी हैं। ये डीआइजी बनेंगे। इनमें अशोक कुमार, अभिषेक दुल्लर, बिमल गुप्ता, मधुसूदन, रानी बिदू शामिल हैं। अशोक कुमार हाल ही में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए हैं। दुल्लर फरवरी 2016 से सीबीआइ में हैं। गुप्ता जंगलबैरी में चतुर्थ आइआरबी में कमांडेंट के पद पर तैनात हैं जबकि मधुसूदन सोलन के एसपी हैं। यह एससपी रैंक में हैं।

Posted By: Jagran

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