राज्य ब्यूरो, शिमला : हिमाचल में बेरोजगारों की संख्या बढ़ती जा रही है। प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को केंद्र सरकार के बजट से काफी उम्मीदें हैं। युवाओं का कहना है कि बेरोजगारी पर अंकुश लगाने के लिए शिक्षा प्रणाली में बदलाव करने की जरूरत है। यदि केंद्र सरकार सभी सरकारी व निजी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देती है तो बेरोजगारी पर अंकुश लगाया जा सकता है।

हिमाचल में आठ लाख से अधिक युवा बेरोजगारी का दंश झेल रहे हैं। स्नातक की शिक्षा ग्रहण करने के बाद भी कई युवक नौकरी के लिए भटक रहे हैं। केंद्र सरकार ने बेरोजगार युवाओं के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। लेकिन राज्य सरकार उन योजनाओं को धरातल पर उतार पाने में सुस्त रवैया अपनाए हुए है। सरकारों ने शिक्षण संस्थान खोलने पर ही ध्यान दिया लेकिन रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। क्या कहते हैं युवा कुशल नहीं कई पढ़े लिखे युवा

अकसर सुनने को मिलता है कि उद्योगों के लिए कुशल कामगार नहीं मिल रहे हैं। ऐसा नहीं है कि प्रदेश में कम पढ़े लिखे युवा हैं। पढ़े लिखे तो कई युवा हैं लेकिन वे कुशल नहीं हैं। इसका सबसे बड़ा कारण हमारी शिक्षा प्रणाली है। हमें आज भी पारंपरिक शिक्षा दी जा रही है। स्कूल स्तर पर ही व्यावसायिक शिक्षा देने का प्रावधान किया जाना चाहिए।

अभिषेक किमटा, शिमला स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षित हों युवा

सरकारी नौकरी सभी को नहीं मिल सकती है। इसलिए सरकार को युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षित करना चाहिए। उन्हें यह प्रशिक्षण स्कूल स्तर पर ही मिलना चाहिए। ऐसा होने पर स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद यदि कोई युवा रोजगार शुरू करना चाहे या उद्योग में काम करना चाहे तो वह पूरी तरह कुशल होगा।

ध्रुव पाठक, मंडी रोजगारपरक शिक्षा दी जाए

बेरोजगारी को खत्म करना जरूरी है। यदि बेरोजगारी को खत्म नहीं किया गया तो आने वाला समय युवाओं के लिए काफी कठिन रहेगा। केंद्र सरकार को चाहिए कि रोजगारपरक शिक्षा दी जाए। अभी जो शिक्षा दी जा रही है उससे युवा शिक्षित तो हो रहे हैं लेकिन वे रोजगार के लायक नहीं बन पा रहे हैं।

कर्तव्य सिंह, शिमला पारंपरिक शिक्षा में बदलाव हो

स्कूलों में पारंपरिक शिक्षा में बदलाव कर व्यावसायिक शिक्षा शुरू की जानी चाहिए। फिलहाल कुछ स्कूलों में इसे शुरू किया गया है लेकिन केंद्र सरकार को व्यावसायिक शिक्षा को अनिवार्य कर देना चाहिए। केंद्र सरकार को युवाओं को कुशल बनाने के लिए स्कूल स्तर पर ही प्रशिक्षित करने का प्रावधान करना चाहिए।

शिनम, शिमला

Posted By: Jagran

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