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हिमाचल की सुक्खू सरकार 19 से 27 वर्ष के युवाओं को देगी पॉकेट मनी, सुख शिक्षा योजना के तहत मिलेगा लाभ

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Tue, 22 Sep 2026 11:20 AM (IST)

हिमाचल सरकार ने इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना का दायरा बढ़ाकर 27 वर्ष किया है। अब 19 से 27 वर्ष की आयु तक 1,000 रुपये मासिक पॉकेट मनी मिलेगी।

हिमाचल सुख शिक्षा योजना के तहत सुक्खू सरकार युवाओं को भी पॉकेट मनी देगी।

हिमाचल सुख शिक्षा योजना के तहत सुक्खू सरकार युवाओं को भी पॉकेट मनी देगी।

HighLights

  1. सुख शिक्षा योजना में 27 वर्ष तक पॉकेट मनी का प्रावधान।

  2. मुख्यमंत्री सुखी परिवार योजना से 2.47 लाख परिवारों को लाभ।

  3. मेधावी छात्रों को विदेश एक्सपोजर विजिट पर भेजा जाएगा।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में विधवा और एकल महिलाओं के बच्चों के लिए सरकार ने इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना का दायरा 27 वर्ष की आयु तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने निर्देश दिए हैं कि अब 19 से 27 वर्ष तक के बच्चों को भी प्रतिमाह 1,000 रुपये पाकेट मनी दी जाएगी। पहले यह सहायता केवल 18 वर्ष की आयु तक ही उपलब्ध थी। सोमवार को मुख्यमंत्री के शिमला स्थित नए कार्यालय में हुई पहली बैठक में यह निर्णय लिया गया।

मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए सभी योजनाओं का एकीकृत पोर्टल विकसित किया जाए। इसका उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को अलग-अलग योजनाओं के लिए भटकने से बचाना और लाभ की प्रक्रिया को सरल बनाना है। 

मुख्यमंत्री सुखी परिवार योजना

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा दी गई प्रस्तुति में मुख्यमंत्री सुखी परिवार के तहत 2.47 लाख लाभार्थियों की जानकारी भी साझा की गई। इन परिवारों के लिए योजना दो अक्टूबर से शुरू की जाएगी, जिसमें पात्र महिलाओं को 1500 रुपये इंदिरा प्यारी बीना सुख सम्मान निधि योजना के तहत और 300 यूनिट निश्शुल्क बिजली उपलब्ध करवाई जाएगी।

सुख शिक्षा योजना के 21292 लाभार्थी

वर्तमान में इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के 21,292 लाभार्थी हैं। चालू वित्त वर्ष में योजना के लिए 40.29 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इस योजना के तहत विधवा एवं एकल महिलाओं के बच्चों की उच्च शिक्षा का पूरा खर्च सरकार वहन कर रही है। मेधावी विद्यार्थियों को डा. वाईएस परमार विद्यार्थी ऋण योजना के तहत उच्च शिक्षा के लिए एक प्रतिशत ब्याज दर पर अधिकतम 20 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा।

बैठक में प्रधान सचिव एम सुधा देवी, सचिव सीपी वर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशक डा. पंकज ललित, ईसोमसा के निदेशक सुमित खिमटा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

100 बच्चों की विदेश यात्रा की तैयारी

सरकार अब सुख शिक्षा योजना के लाभार्थियों और चिल्ड्रन आफ द स्टेट को राज्य से बाहर और दुनिया के अनुभव से जोड़ने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री ने दोनों श्रेणियों से 50-50 मेधावी विद्यार्थियों, यानी कुल 100 बच्चों को विदेश एक्सपोजर विजिट पर भेजने के निर्देश दिए हैं।

11 जिलों में पौष्टिक आहार की योजना

इंदिरा गांधी मातृ शिशु संकल्प योजना की भी समीक्षा की गई, जिसके तहत प्रदेश के 11 जिलों में पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाने की योजना बनाई गई है। 

लुथान का सुख-आश्रय ग्राम मई 2027 तक

कांगड़ा जिले के लुथान में मुख्यमंत्री सुख-आश्रय ग्राम परिसर के निर्माण को भी बैठक में प्राथमिकता दी गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने और परियोजना को मई 2027 तक पूरा करने के निर्देश दिए।

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