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कनाडा की संसद में गूंजी हिमाचली नाटी, ओटावा में धूमधाम से मनाया गया कुल्लू दशहरा; CM सुक्खू ने किया संबोधित

Published: Mon, 19 Oct 2026 05:00 AM (IST)

कनाडा की राजधानी ओटावा स्थित पार्लियामेंट हिल में विश्वविख्यात कुल्लू दशहरा का भव्य आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ...और पढ़ें

ओटावा में आयोजित कुल्लू दशहरा को CM सुक्खू ने किया संबोधित। फोटो जागरण

ओटावा में आयोजित कुल्लू दशहरा को CM सुक्खू ने किया संबोधित। फोटो जागरण

HighLights

  1. कनाडा के पार्लियामेंट हिल में कुल्लू दशहरा का आयोजन।

  2. मुख्यमंत्री सुक्खू ने दशहरा को सत्य की विजय बताया।

  3. नाटी, झमाकड़ा और पारंपरिक धाम रहे मुख्य आकर्षण।

राज्य ब्यूरो, शिमला। कनाडा की राजधानी ओटावा स्थित प्रतिष्ठित पार्लियामेंट हिल में विश्वविख्यात कुल्लू दशहरा का भव्य आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने समारोह को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि दशहरा असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है।

यह पर्व समाज को निर्भीकता के साथ न्याय के पक्ष में खड़े होने का संदेश देता है, क्योंकि अधर्म चाहे कितना भी बलशाली क्यों न हो, अंत में विजय धर्म की ही होती है।

उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर भारतीय प्रवासियों द्वारा पारंपरिक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाए जाने वाले पर्व देश की विविधता में एकता की समृद्ध विरासत को दर्शाते हैं। उन्होंने हिमाचली प्रवासी ग्लोबल एसोसिएशन (एचपीजीए) को इस अनूठी पहल के लिए बधाई दी और कहा कि ऐसे आयोजन अंतरराष्ट्रीय पटल पर हिमाचल के लोगों की प्रतिभा, कौशल और आध्यात्मिक परंपराओं को सशक्त पहचान दिलाते हैं।

कनाडा के प्रधानमंत्री ने दी शुभकामनाएं

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कुल्लू दशहरा के अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए देश के बहुसांस्कृतिक ताने-बाने को सुदृढ़ करने में भारत-कनाडाई समुदाय के योगदान की सराहना की।

इस दौरान एचपीजीए निदेशक मंडल के सदस्य भाग्य चंद्र, अरुण चौहान, विवेक नज़र, संजीव ठाकुर, आशु कालिया और पूनम गुलरिया ने देवभूमि की संस्कृति, पर्यटन और जीवन मूल्यों को वैश्विक मंच पर निरंतर प्रोत्साहित करने का संकल्प दोहराया।

35 से अधिक संगठनों का मिला सहयोग

हिमाचल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने वाले इस समारोह की मेजबानी ऑरलियन्स की सांसद मैरी-फ्रांस लालोंद ने की। वहीं, एचपीजीए ने 35 से अधिक भारत-कनाडाई संगठनों के सहयोग से इसे भव्य रूप प्रदान किया।

नाटी, झमाकड़ा और पारंपरिक धाम रहे आकर्षण का केंद्र

समारोह में पारंपरिक हिमाचली लोकनृत्य नाटी और कांगड़ा के झमाकड़ा की मनमोहक प्रस्तुतियों के साथ रामलीला के जीवंत मंचन ने विदेशी धरती पर समां बांध दिया। इस अवसर पर अतिथियों को हिमाचली आतिथ्य सत्कार के साथ विशेष रूप से तैयार पारंपरिक ‘धाम’ व अन्य स्थानीय व्यंजन परोसे गए, जिसे उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा।