Himachal Weather: हिमाचल के 4 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, मानूसन में 1000 करोड़ रुपये का नुकसान
हिमाचल प्रदेश में भारी मानसूनी वर्षा से जनजीवन प्रभावित है, मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए कई जिलों में बहुत भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

हिमाचल प्रदेश में आज भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
HighLights
अगले 24 घंटों के लिए कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट।
राज्य में 105 सड़कें बंद, बिजली-पानी की आपूर्ति बाधित।
मानसून से अब तक 1000 करोड़ का नुकसान, 196 मौतें।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून की भारी वर्षा से जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए राज्य के कई जिलों में बहुत भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 18 और 19 अगस्त को बहुत भारी बारिश की प्रबल संभावना है। प्रशासन ने नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों और पर्यटकों को सतर्क रहने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की सख्त हिदायत दी है।
आज 18 अगस्त को कांगड़ा, मंडी, बिलासपुर और सिरमौर में कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि किन्नौर और लाहुल स्पीति को छोड़ बाकी जिलों में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा का यलो अलर्ट है। 23 अगस्त तक कई हिस्सों में बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।
कुल्लू में सबसे ज्यादा वर्षा रिकॉर्ड
प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान सबसे अधिक वर्षा कोठी (कुल्लू) 71.4 मिलीमीटर, धर्मशाला 52.2 और कसौली में 52 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
105 सड़कें बंद
प्रदेश में हुई वर्षा और भूस्खलन के कारण 105 सड़कें अवरुद्ध हैं। प्रदेश में मंडी जिले में सबसे अधिक 39 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा कुल्लू जिले में 33, सिरमौर में 9, कांगड़ा और चंबा में 6-6 सड़कें भूस्खलन के कारण बाधित हुई हैं।
बिजली ट्रांसफार्मर व पेयजल योजनाएं भी ठप
बिजली के 36 ट्रांसफॉर्मर और 15 पेयजल योजनाएं ठप हो गई हैं। हमीरपुर के बड़सर उपमंडल में बिजली के 9 ट्रांसफार्मर बंद होने से कई गांव अंधेरे में डूब गए हैं। वहीं शिमला जिले के रामपुर, ठियोग और चौपाल क्षेत्रों में 8 पेयजल योजनाएं प्रभावित होने से पीने के पानी का संकट गहरा गया है।
मानसून सीजन में अब तक 994 करोड़ का नुकसान, 196 मौतें
आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 30 जून से 17 अगस्त तक चले इस मानसून सीजन में राज्य को अब तक लगभग 1000 करोड़ रुपये के सार्वजनिक व निजी संपत्ति का नुकसान हो चुका है। दुखद पहलू यह है कि इस दौरान कुल 196 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। प्रत्यक्ष आपदा से 80 लोगों की मौत हुई है, भूस्खलन में 14, पानी में डूबने से 5 और बिजली-चट्टान से गिरने या अन्य आपदाओं के कारण 61 लोगों की जान गई है।
कुकुमसेरी में 11.7 डिग्री तापमान
सबसे कम तापमान कुकुमसेरी में न्यूनतम पारा 11.7 डिग्री दर्ज किया गया। सबसे ज्यादा तापमान मंडी में अधिकतम तापमान 33.7 डिग्री दर्ज हुआ।
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