विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'रिश्वत लेते पकड़े तहसीलदार को दे दी एक्सटेंशन' विधानसभा में सत्ती ने उठाया प्रश्न, सुक्खू बोले- सेवाएं खत्म होंगी

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Wed, 18 Mar 2026 01:43 PM (IST)Updated: Wed, 18 Mar 2026 02:27 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने संवेदनशील पदों पर तैनात ओडीआई सूची में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों को ...और पढ़ें

HighLights

  1. संवेदनशील पदों से ओडीआई सूची के अधिकारी हटाए गए।

  2. रिश्वत मामले में पकड़े तहसीलदार की सेवाएं समाप्त होंगी।

  3. मुख्यमंत्री ने विधानसभा में की यह घोषणा।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुखविन्द्र सिंह सुक्खू सरकार ने संवेदनशील पदों पर तैनात ओडीआई सूची में शामिल अधिकारी व कर्मचारियों की उनके पदों से छुट्टी कर दी है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन बुधवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान यह घोषणा की। उन्होंने ये भी कहा कि संवेदनशील पदों पर सेवाविस्तार के बाद तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों की सेवाएं भी सरकार तुरंत प्रभाव से समाप्त करने जा रही है।

विधायक सतपाल सिंह सत्ती के मूल सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडीआई सूची में शामिल तीन अधिकारी संवेदनशील पदों पर तैनात हैं। सरकार तुरंत इनकी सेवाएं समाप्त कर रही है। इनमें विजय कुमार राय तहसीलदार, युद्धवीर सिंह ठाकुर ओएसडी और राय बहादुर सिंह नेगी शामिल हैं। 

उन्होंने कहा कि बीते दो वर्षों में दो अधिकारी व कर्मचारी ओडीआई सूची से बाहर आए हैं। इनमें महेंद्र लाल वरिष्ठ सहायक और राय बहादुर नेगी रीडर शामिल हैं। 

रिश्वत मामले में पकड़े तहसीलदार को एक्सटेंशन

इससे पहले विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने अपने विस क्षेत्र का मामला उठाते हुए कहा कि एक तहसीलदार को रिश्वत के मामले में पकड़ा गया है और सरकार ने उसे एक्सटेंशन दी है। लोग वहां पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। 

प्रभावशाली लोग कौन?

उनका आरोप है कि प्रभावशाली लोगों ने इन्हें लगाया है और जमीनें अपने नाम की जा रही है। उन्होंने कहा कि वे प्रभावशाली लोग कौन है इसका पता सीआइडी से पता करवा लें नहीं तो उप मुख्यमंत्री इसकी सूचना दे देंगे।

जयराम ने पूछा, क्या सूची में तीन ही नाम?

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने अनुपूरक सवाल में पूछा कि प्रदेश उच्च न्यायालय ने सरकार से ओडीआई सूची मांगी है। मुख्यमंत्री ने प्रश्न के उत्तर में जो जानकारी दी है उसमें तीन ही नाम बताए हैं। सरकार क्या कोर्ट में यही सूची प्रस्तुत करेगी या इनमें जो और नाम है वह भी बताए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पास अभी इसकी जानकारी नहीं है। यदि नेता प्रतिपक्ष के पास कोई ऐसे नाम है तो बताए उन्हें भी पदों से हटा दिया जाएगा।

सुधीर शर्मा ने जांच समितियों पर पूछा प्रश्न

विधायक सुधीर शर्मा के एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते तीन वर्षों में प्रदेश सरकार ने विभिन्न मामलों की जांच के लिए कुल दस जांच समितियां गठित की। इनमें से नौ समितियों की जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर विभिन्न विभागों द्वारा कार्रवाई की भी की है। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल द्वारा विभिन्न उद्देश्यों की पूर्ति के लिए 31 जुलाई 2025 तक विभिन्न विभागों में कुल 25 मंत्रिमंडलीय उप समितियां गठित की है।

इसके अतिरिक्त राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में एक अन्य कैबिनेट सब कमेटी मंत्रिमंडल के लागू और लागू न किए गए निर्णयों की समीक्षा के लिए गठित की गई है। इस उप समिति में 31 दिसंबर 2024 तक के मंत्रिमंडल के निर्णयों की समीक्षा पूरी कर ली है। जबकि पहली जनवरी 2025 से 30 जून 2025 तक के निर्णयों की समीक्षा जारी है।

यह भी पढ़ें: 'संदिग्ध व भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों की सीधे छुट्टी', CM सुक्खू ने विधानसभा में कार्रवाई के दिए निर्देश

यह भी पढ़ें: हिमाचल सरकार का कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड, जीन्स टॉप पहनने पर रोक; सोशल मीडिया यूज पर भी सख्त निर्देश