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हिमाचल में शिक्षकों के आंदोलन के 100 दिन पूरे, 85वें दिन भी जारी रहा अनशन; 68 विधायकों को मांग पत्र सौंपेगा शिक्षक संघ

Published: Mon, 19 Oct 2026 05:36 AM (IST)

हिमाचल प्रदेश राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ का आंदोलन 100 दिन पूरे कर चुका है, जिसमें स्कूल शिक्षा निदेशालय परिसर में क्रमिक अनशन 85वें दिन भी जारी रहा।

हिमाचल में शिक्षकों के आंदोलन के 100 दिन पूरे। फोटो जागरण

हिमाचल में शिक्षकों के आंदोलन के 100 दिन पूरे। फोटो जागरण


HighLights

  1. प्राथमिक शिक्षक संघ का आंदोलन 100 दिन पूरे कर चुका है।

  2. स्कूल शिक्षा निदेशालय परिसर में 85वें दिन भी क्रमिक अनशन जारी।

  3. शीतकालीन सत्र से पहले विधायकों को सौंपेंगे मांग पत्र।

राज्य ब्यूरो, शिमला। अपनी विभिन्न न्यायोचित मांगों को लेकर आंदोलन की राह पर चल रहे हिमाचल प्रदेश राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ (एचपीपीटीएफ) के संघर्ष को रविवार को 100 दिन पूरे हो गए। वहीं, स्कूल शिक्षा निदेशालय परिसर में शिक्षकों का क्रमिक अनशन भी 85वें दिन में प्रवेश कर गया।

संघ ने दो-टूक कहा है कि जब तक सरकार शिक्षकों की न्यायसंगत मांगों को पूरा नहीं करती, तब तक आंदोलन पूरे अनुशासन और गांधीवादी तरीके से जारी रहेगा।

आंदोलन के 85वें दिन पीटीएफ ब्लाक शिमला के पदाधिकारियों ने क्रमिक अनशन की कमान संभाली। इसमें ब्लाक महासचिव योगेश्वर ठाकुर, कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार, एचपीपीटीएफ के कार्यालय सचिव दुष्यंत शर्मा तथा मुख्य संरक्षक (पूर्व अध्यक्ष, पीटीएफ ब्लाक शिमला) नरेश शर्मा अनशन पर बैठे। इस दौरान पदाधिकारियों ने सरकार से प्राथमिक शिक्षकों की लंबित मांगों का अविलंब समाधान करने की अपील की।

68 विधायकों को सौंपेंगे मांग पत्र

शिक्षक संघ ने आंदोलन की आगामी रूपरेखा स्पष्ट करते हुए बताया कि विधानसभा के शीतकालीन सत्र से पहले प्रदेश के सभी 68 विधायकों को संघ की मांगों का ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद शीतकालीन सत्र के दौरान धर्मशाला में एक विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित कर सरकार के समक्ष शिक्षकों की आवाज पुरजोर तरीके से उठाई जाएगी।

आंदोलन को मिल रहा व्यापक जनसमर्थन

शिक्षकों का यह आंदोलन अब जनसमर्थन भी जुटा रहा है। संघ द्वारा 2 अक्टूबर से शुरू किए गए काले बिल्ले लगाकर कार्य करने के विरोध-प्रदर्शन में 3 अक्टूबर से प्रदेश भर के मिड-डे मील (एमडीएम) वर्कर भी शामिल हो गए हैं। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों के पंचायत प्रतिनिधि भी पाठशालाओं में पहुंचकर आंदोलन को अपना समर्थन दे रहे हैं और सरकार से शिक्षकों की समस्याओं के त्वरित निपटारे की मांग कर रहे हैं।

11 जुलाई से चल रहा है संघर्ष का दौर

उल्लेखनीय है कि प्राथमिक शिक्षकों ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए 11 जुलाई को शिमला की ओर पैदल न्याय यात्रा शुरू की थी। इसके बाद 26 जुलाई को चौड़ा मैदान में विशाल धरने के साथ स्कूल शिक्षा निदेशालय के बाहर क्रमिक अनशन का आगाज किया गया था, जो अब 85 दिनों का सफर पूरा कर चुका है।