हिमाचल में 81000 युवा शिक्षक बनने को तैयार, फिर भी स्कूलों में पोस्ट खाली; 15 हजार पदों पर भर्ती जारी
हिमाचल में 81 हजार से अधिक प्रशिक्षित शिक्षक नौकरी की तलाश में हैं, जबकि सरकारी स्कूलों में हजारों पद खाली पड़े हैं।

81 हजार शिक्षक बनने को तैयार, फिर भी स्कूलों में पद खाली।
HighLights
हिमाचल में 81 हजार से अधिक प्रशिक्षित शिक्षक बेरोजगार।
सरकारी स्कूलों में हजारों शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं।
शिक्षा मंत्री ने 15 हजार पद भरने की प्रक्रिया बताई।
अनिल ठाकुर, शिमला। डिग्री हाथ में है, नौकरी की आस है और इंतजार लगातार लंबा होता जा रहा है। हिमाचल में शिक्षक बनने की चाह रखने वाले 81,282 बेरोजगार अभ्यर्थी सरकारी नौकरी की कतार में हैं। इनमें 65,254 बीएड और 16,028 डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) पास अभ्यर्थी रोजगार कार्यालयों में पंजीकृत हैं।
दूसरी तरफ सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के हजारों पद खाली पड़े हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब स्कूलों को शिक्षक चाहिए और शिक्षक नौकरी के लिए तैयार हैं तो भर्ती प्रक्रिया की रफ्तार इतनी धीमी क्यों है? 31 जुलाई तक के सरकारी आंकड़ों के अनुसार बताते हैं कि जेबीटी और टीजीटी संवर्ग में बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं।
आंकड़ों के अनुसार जेबीटी के 646, टीजीटी कला के 3,318, टीजीटी नान मेडिकल के 318 और टीजीटी मेडिकल के 226 पद खाली हैं। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी और दूसरी ओर प्रशिक्षित बेरोजगारों की लंबी कतार दोनों तस्वीरें एक साथ सामने हैं। हालांकि, उपलब्ध सरकारी आंकड़ों में कुल रिक्त पदों को लेकर विसंगति है।
कांगड़ा में सबसे बड़ी बेरोजगार फौज
बीएड डिग्री धारक बेरोजगारों में कांगड़ा सबसे ज्यादा 16,076 बीएड पास अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। मंडी में 13,682, हमीरपुर में 7,381, बिलासपुर में 5,149, ऊना में 4,653, शिमला में 4,644, सिरमौर में 3,793, चंबा में 3,076, सोलन में 2,912 और कुल्लू में 2,797, किन्नौर में 660 और लाहुल-स्पीति में 431 बीएड डिग्री धारक अभ्यर्थी नौकरी की कतार में हैं।
जेबीटी-डीएलएड वालों का भी इंतजार खत्म नहीं
शिक्षा विभाग ने पिछले तीन सालों में जेबीटी के पदों को सबसे ज्यादा भरा है। बावजूद इसके बेरोजगार पंजीकृत अभ्यार्थियों की संख्या भी 16 हजार के पार है। मंडी में 2,798 और कांगड़ा में 2,598, सिरमौर में 1,908, चंबा में 1,839, हमीरपुर में 1,215, ऊना में 1,244 और शिमला में 1,124, सोलन में 917 और कुल्लू में 891, किन्नौर में 86 और लाहुल-स्पीति में 124, बिलासपुर 1284 अभ्यर्थी रोजगार कार्यालयों में पंजीकृत हैं।
डिग्री बढ़ती गई, नौकरी की कतार भी
शिक्षक बनने के लिए हर साल बड़ी संख्या में युवा बीएड और डीएलएड कर रहे हैं। लेकिन सरकारी स्कूलों में नियमित भर्तियों की संख्या उस अनुपात में नहीं बढ़ पा रही है। नतीजा यह है कि एक तरफ कक्षाओं में शिक्षकों की जरूरत बनी हुई है और दूसरी तरफ प्रशिक्षित युवा नौकरी के लिए वर्षों से इंतजार कर रहे हैं।
15 हजार पदों को भरने की प्रक्रिया जारी: रोहित ठाकुर
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि शिक्षा विभाग में 15 हजार शिक्षकों के पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। विभिन्न श्रेणियों में छह हजार से ज्यादा नियुक्तियां दी जा चुकी है। सीबीएसई संबद्ध स्कूलों में स्कीम बेस्ड आधार पर शिक्षक नियुक्ति किए गए हैं।
