हिमाचल में राजस्व विभाग ने जमाबंदी के प्रारूप में किया बदलाव, अब नहीं लगाने पड़ेंगे पटवार सर्कल के चक्कर
हिमाचल प्रदेश के राजस्व विभाग ने जमाबंदी के प्रारूप में बदलाव किया है। अब नागरिकों को पटवार सर्कल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, क्योंकि यह सुविधा ऑनलाइन उपलब्ध होगी। इस बदलाव से समय और धन की बचत होगी, साथ ही राजस्व विभाग के कार्यों में पारदर्शिता आएगी। यह डिजिटलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू। जागरण आर्काइव
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में राजस्व विभाग ने जमाबंदी के प्रारूप में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। इसमें पटवारी के डिजिटल हस्ताक्षर और क्यूआर कोड को शामिल किया गया है। इस संबंध में अतिरिक्त मुख्य सचिव केके पंत द्वारा अधिसूचना जारी की गई है।
अब लोगों को घर बैठे ऑनलाइन जमाबंदी पटवारी के डिजिटल हस्ताक्षर और क्यूआर कोड के साथ प्राप्त होगी। इसके लिए उन्हें पटवार सर्कल के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
सरकार का राजस्व के मामलों में यह एक बहुत बड़ा बदलाव है। प्रदेश सरकार की सतर्कता से वर्षों से इंतकाल आदिह के लंबित पड़े मामलों का भी निपटारा हुआ है। सरकार ने इस संबंध में राजस्व अधिकारियों को सख्त निर्देश दे रखे हैं। राजस्व अदालतों का आयोजन कर लंबित मामलों को निपटाया जा रहा है।
पटवार सर्कल जाने के झंझट से छुटकारा
इस प्रक्रिया के तहत एक सप्ताह के भीतर आपत्ति और सुझाव मांगे गए हैं। पहले ऑनलाइन जमाबंदी के लिए पटवारी के हस्ताक्षर करवाने के लिए लोगों को पटवार सर्कल में जाना पड़ता था।
क्यूआर कोड से होगी दस्तावेज की प्रमाणिकता
अब क्यूआर कोड के माध्यम से दस्तावेज की प्रामाणिकता की पुष्टि की जा सकेगी, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि दस्तावेज असली है या नकली।
डिजिटल हस्ताक्षर से सुदृढ़ हुई प्रक्रिया
प्रदेश सरकार ने नागरिकों को राजस्व दस्तावेजों को घर बैठे आनलाइन प्राप्त करने की सुविधा प्रदान की है। पहले भी आनलाइन जमाबंदी उपलब्ध करवाई गई थी, लेकिन अब डिजिटल हस्ताक्षर और क्यूआर कोड को शामिल कर इस प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ किया गया है।

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