हिमाचल में बद्दी से आगे बढ़ेगा उद्योगों का दायरा, पंजैहरा से बिलासपुर तक जमीन की तलाश; कांगड़ा-ऊना पर भी नजर
हिमाचल प्रदेश सरकार सीमांत क्षेत्रों में नए औद्योगिक हब विकसित करने की तैयारी में है, जिसके लिए नई औद्योगिक नीति ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र बद्दी। जागरण आर्काइव
HighLights
सीमांत क्षेत्रों में नए औद्योगिक हब विकसित होंगे।
नई औद्योगिक नीति में विशेष प्रोत्साहन दिए जाएंगे।
ऊना बल्क ड्रग पार्क निवेश का बड़ा केंद्र बनेगा।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में औद्योगिक निवेश को नई दिशा देने के लिए सरकार अब सीमांत क्षेत्रों में नए औद्योगिक हब विकसित करने की तैयारी में है। अन्य राज्यों से आने वाले निवेशकों की पहली पसंद सीमांत क्षेत्र होने और लाजिस्टिक व आवाजाही की बेहतर सुविधा को देखते हुए नई औद्योगिक नीति में इन क्षेत्रों के लिए विशेष इन्सेंटिव का प्रविधान किया जा रहा है।
नई औद्योगिक नीति का खाका तैयार है। पिछली कैबिनेट बैठक न हो पाने के कारण इसे प्रस्तुत नहीं किया जा सका था। अब अगली कैबिनेट बैठक में उद्योग विभाग मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के समक्ष रिपोर्ट और नीति का प्रस्ताव रखेगा।
खाली जमीन चिह्नित करने का निर्देश
इसके साथ ही अधिकारियों को सरकारी और निजी स्तर पर खाली जमीन चिह्नित करने का जिम्मा दिया गया है। बद्दी-बरोटीवाला के बाद सरकार की नजर नालागढ़ से आगे पंजैहरा और बिलासपुर तक के खाली क्षेत्रों पर है। कांगड़ा, ऊना और बिलासपुर के आसपास भी नए औद्योगिक हब की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
उद्योग विभाग रिपोर्ट तैयार कर रहा है कि इन क्षेत्रों में किस तरह के उद्योग स्थापित किए जा सकते हैं और जमीन उपलब्ध कराने या अधिग्रहण की प्रक्रिया क्या होगी। कालाअंब और पांवटा साहिब में भी खाली पड़े जमीन के पैच तलाशे जा रहे हैं।
प्रदेश के अंदरूनी क्षेत्रों में बढ़ेगी सब्सिडी
नई नीति में प्रदेश के अंदरूनी क्षेत्रों को भी विशेष प्रोत्साहन देने की तैयारी है। यहां उद्योग स्थापित करने वालों के लिए सब्सिडी बढ़ाई जाएगी और रियायतों का दायरा विस्तृत होगा। सरकार का उद्देश्य दूरदराज के क्षेत्रों में निवेश के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
बल्क ड्रग पार्क बनेगा निवेश का गेम चेंजर
ऊना में निर्माणाधीन बल्क ड्रग पार्क को प्रदेश में निवेश की नई संभावनाओं का बड़ा केंद्र माना जा रहा है। परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है और अगले वर्ष मार्च तक यहां नया निवेश धरातल पर उतरने की उम्मीद है। पार्क के आसपास के क्षेत्रों को भी औद्योगिक रूप से विकसित करने की तैयारी है और इसके लिए सरकार ने जमीन तलाशने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
