हिमाचल पंचायत चुनाव पर हाई कोर्ट में सुनवाई पूरी, प्रदेश सरकार के जवाब दायर करने के बाद सुरक्षित रखा गया फैसला
हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव पर हाई कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है। प्रदेश सरकार ने अपना जवाब दायर किया, ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव पर संग्राम नहीं थम रहा है। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
हाई कोर्ट में पंचायत चुनाव पर सुनवाई पूरी हुई।
प्रदेश सरकार ने अपना जवाब अदालत में दायर किया।
चुनाव समय पर कराने पर फैसला सुरक्षित रखा गया।
विधि संवाददाता, शिमला।हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव पर हाई कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है। लगातार दूसरे दिन सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार की ओर से जवाब दायर किया गया। इसके बाद हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब पंचायत चुनाव को लेकर हाई कोर्ट के निर्णय पर निगाहें टिक गई हैं।
पंचायत चुनाव को लेकर हाईकोर्ट में चली सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की ओर से बहस हुई। बहस पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। आज प्रदेश सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता श्रवण डोगरा ने पक्ष रखा।
हाई कोर्ट में मंगलवार को हुई सुनवाई में याचिकाकर्ता के अधिवक्ताओं ने संविधान के मुताबिक समय पर चुनाव करवाने का आग्रह किया। अदालत में इस मामले पर बहस हुई। पिछली सुनवाई में राज्य सरकार ने छह महीने तक चुनाव करवाने से इन्कार किया था।
न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रोमेश वर्मा की अदालत मामले की सुनवाई कर रही है। इससे पहले यह मामला मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश जिया लाल भारद्वाज की खंडपीठ के सामने था।
दोनों पक्ष ने रखे जवाब
मुख्य न्यायाधीश कोर्ट ने मामले को डिवीजन बैंच-एक यानी न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रोमेश वर्मा की अदालत के सामने रखने के आदेश दिए थे। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता पक्ष ने अदालत में अपने पक्ष रखे। वादी पक्ष की बहस का जवाब राज्य सरकार की ओर से दिया गया।
जानबूझकर चुनाव में देरी का है आरोप
याचिकाकर्ता ने प्रदेश में पंचायत चुनाव में जानबूझकर देरी करने का आरोप लगाते हुए हिमाचल हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। इस मामले पर मुख्य न्यायाधीश की अदालत में भी बहस हो चुकी है।
हाई कोर्ट में पंचायत चुनाव को लेकर दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान देवेंद्र नेगी बनाम स्टेट मामले का हवाला दिया गया था। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने डिवीजन बैंच-एक के फैसले पर टिप्पणी करने से इन्कार करते हुए चुनाव की प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने के आदेश दिए थे।
कार्यकाल पूरा होने से पहले करवाए जाएं चुनाव
जनहित याचिका में पंचायती राज चुनाव को समय पर करवाने के आदेश जारी करने की मांग की है। यह याचिका यह निर्देश देने के लिए दायर की है कि प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव संविधान के तहत अनिवार्य रूप से पांच साल का कार्यकाल समाप्त होने से पहले करवाए जाएं।
साथ ही राज्य चुनाव आयोग को निर्देश दिया जाए कि वह चुनाव कार्यक्रम अधिसूचित करे और पंचायती राज संस्थाओं के स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव करवाने के लिए बिना किसी देरी के सभी आवश्यक कदम उठाएं।
