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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 10, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गरीब परिवार में जन्मे सुखविंदर सिंह सुक्खू होंगे हिमाचल के नए मुख्यमंत्री, जानें कैसे रखा राजनीति में कदम

By Sonu GuptaEdited By:
Published: Sat, 10 Dec 2022 06:56 PM (IST)Updated: Sat, 10 Dec 2022 07:06 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी खींचतान अब खत्म हो गया है। कांग्रेस ने सुखविंदर ...और पढ़ें

सुखविंदर सिंह सुक्खू बने हिमाचल के नए मुख्यमंत्री। फाटो- एएनआइ।
सुखविंदर सिंह सुक्खू बने हिमाचल के नए मुख्यमंत्री। फाटो- एएनआइ।

शिमला, आनलाइन डेस्क। हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी खींचतान अब खत्म हो गया है। कांग्रेस ने विधायक दल की बैठक में सुखविंदर सिंह सुक्खू (Sukhvinder Singh Sukhu) को हिमाचल प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री चुना है। विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत के बाद सीएम पद को लेकर मंथन चल रहा था, जिसमें सुखविंदर सिंह सुक्खू तीन उम्मीदवारों में से एक के रूप में उभरे हैं। इससे पहले वह हिमाचल प्रदेश से तीन बार के विधायक रह चुके हैं। वह चौथी बार नादौन सीट से चुनाव जीते हैं। सुक्खू राज्य कांग्रेस की चुनाव समिति के प्रमुख भी हैं।

छात्र राजनीति से शुरू किया था अपना करियर

सुखविंदर सिंह सुक्खू अन्य भारतीय राजनेताओं की ही तरह छात्र राजनीति से अपना करियर शुरू किया था। वह छात्र राजनीति करते हुए कांग्रेस की राज्य इकाई के प्रमुख के पद तक पहुंचे। नादौन सीट से जीतने के बाद वह पार्टी की ऊपरी नेतृत्व में अपनी स्थिति को मजबूत किया। मालूम हो कि सुक्खू मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के नादौर के रहने वाले हैं। उन्होंने कानून की भी डिग्री हासिल की है। सुखविंदर सिंह सुक्खू अपने कालेज के दिनों में कांग्रेस की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट यूनियन आफ इंडिया (NSUI) से जुड़ गए थे। वह साल 1989 में इसकी राज्य इकाई के अध्यक्ष भी बन गए। साल 1998-2008 के बीच उन्होंने राज्य युवा कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया।

पार्षद बन किया सार्वजनिक सेवा में प्रवेश

सुखविंदर सिंह सुक्खू साल 1992 और 2002 के बीच शिमला नगर निगम के दो बार पार्षद चुने गए। युवा कांग्रेस में अपने कार्यकाल के बाद सुक्खू साल 2008 में कांग्रेस के प्रदेश कमेटी के सचिव बने। सुक्खू को बाद में उनके पार्टी प्रबंधन कौशल और लोकप्रियता के कारण पार्टी का अध्यक्ष बना दिया गया। उन्होंने इस दौरान स्थानीय लोगों और पार्टी कैडर के बीच एक जन समर्थन आधार विकसित किया है।

अब तक ऐसा रहा राजनीतिक सफर

गरीब परिवार में जन्मे सुखविंदर सिंह सुक्खू के पिता रसील सिंह ड्राइवर थे। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा जीएसएसएस कसुम्प्टी शिमला (GSSS KASUMPTI Shimla) से की है। इसके बाद उन्होंने राजकीय महाविद्यालय संजौली से ड्रिग्री हासिल की। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से वह पोस्ट ग्रेजुएट हुए और इसी यूनिवर्सिटी से उन्होंने एलएलबी किया। साल 1988 से 1997 तक वह राज्य NSUI के अध्यक्ष रहे। सुक्खू साल 2003 में नादौन विधानसभा से चुनाव जीत कर पहली बार विधायक बने, जिसके बाद वह 2007 से लेकर 2012, 2017 से लेकर 2022 तक विधायक बने रहे। वह चौथी बार नादौन सीट से चुनाव जीते हैं। वह 1993-98 से दौरान शिमला नगर निगम का पार्षद भी रह चुके हैं।

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