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हिमाचल प्रदेश में NHAI संभालेगा 3 और हाईवे का जिम्मा, हालत सुधरने के साथ यातायात सुगम होगा

By Parkash Bhardwaj Edited By: Rajesh Sharma
Published: Thu, 11 Jun 2026 05:05 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश में सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए NHAI अब तीन और राष्ट्रीय राजमार्गों का संचालन करेगा। ...और पढ़ें

एनएचएआई हिमाचल के तीन हाईवे को अपने अधीन लेगा। प्रतीकात्मक फोटो

एनएचएआई हिमाचल के तीन हाईवे को अपने अधीन लेगा। प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. NHAI संभालेगा हिमाचल के तीन अतिरिक्त राष्ट्रीय राजमार्गों का जिम्मा।

  2. सड़क सुरक्षा और यातायात सुगमता में होगा उल्लेखनीय सुधार।

  3. पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में सड़कों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और बेहतर रखरखाव की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य में वर्तमान में संचालित राजमार्गों के अलावा, अब तीन और प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों (नेशनल हाईवे) के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को सौंप दी गई है। इससे पहले इन महत्वपूर्ण मार्गों की देखरेख की जिम्मेदारी हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के पास थी। 

यातायात सुगम होगा

एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार प्राधिकरण राज्य के नागरिकों और यहां आने वाले पर्यटकों को एक सुरक्षित, आधुनिक और सुगम यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बेहतर कनेक्टिविटी और मजबूत अर्थव्यवस्था एनएचएआई द्वारा इन तीन नए राजमार्गों के अधिग्रहण से राज्य में यातायात सुगम होगा और सड़क सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा। 

इसके अलावा सड़कों की बेहतर स्थिति से प्रदेश में पर्यटन, स्थानीय व्यापार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को एक नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

ऊना से रानीताल एनएच

एनएचएआई के अधिकार क्षेत्र में शामिल किए गए तीन नए राष्ट्रीय राजमार्गों में एनएच-503 (पंजाब/हिमाचल प्रदेश सीमा से रानीताल खंड) ऊना, अंब और मुबारकपुर से होकर गुजरता है। इसकी कुल लंबाई लगभग 99 किलोमीटर है। इसे फोरलेन बनाने की प्रक्रिया भी चल रही है। 

पठानकोट से भरमौर खंड

एनएच-154ए (पठानकोट से भरमौर खंड) चंबा को जोड़ने वाला यह बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 172 किलोमीटर है। 

एनएच 907 

एनएच-907 (पांवटा साहिब के निकट) से शुरू होकर हिमाचल प्रदेश और पंजाब की सीमा तक जाता है। इस छोटे लेकिन रणनीतिक खंड की कुल लंबाई लगभग 7 किलोमीटर है।

एनएचएआई के पास पहले से हैं ये 5 प्रमुख फोरलेन

गौरतलब है कि इस नए फैसले से पहले भी एनएचएआई हिमाचल प्रदेश की जीवन रेखा माने जाने वाले कई प्रमुख फोरलेन मार्गों का संचालन कर रहा है, जिनमें परवाणू-शिमला फोरलेन, पिंजौर-बद्दी-नालागढ़ फोरलेन, कीरतपुर-मनाली फोरलेन, शिमला-मटौर फोरलेन व पठानकोट-मंडी फोरलेन शामिल है।

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