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हिमाचल में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को मूल तैनाती पर लौटना होगा, शिक्षा निदेशालय ने रद किए सभी डेपुटेशन आदेश

Published: Sat, 19 Sep 2026 10:01 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में प्रतिनियुक्ति पर तैनात शिक्षकों और कर्मचारियों को अब अपने मूल तैनाती स्थल पर लौटना ...और पढ़ें

हिमाचल में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को मूल तैनाती पर लौटना होगा। फाइल फोटो

हिमाचल में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को मूल तैनाती पर लौटना होगा। फाइल फोटो

HighLights

  1. प्रतिनियुक्ति पर गए शिक्षकों-कर्मचारियों को मूल स्थान पर लौटना होगा।

  2. शिक्षा निदेशालय ने सभी प्रतिनियुक्ति आदेश तत्काल प्रभाव से रद्द किए।

  3. वेतन के लिए वास्तविक ड्यूटी का प्रमाण देना अनिवार्य होगा।

राज्य ब्यूरो, शिमला। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में डेपुटेशन पर सेवाएं दे रहे शिक्षकों और कर्मचारियों को अब अपने मूल तैनाती स्थल पर लौटना होगा। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने लेक्चरर (स्कूल), डीपीई, टीजीटी, सीएंडवी, जेबीटी और मंत्रालयी कर्मचारियों के लिए निदेशालय स्तर से समय-समय पर जारी किए गए सभी डेपुटेशन आदेश तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए हैं।

संबंधित शिक्षकों और कर्मचारियों को उस स्थान पर ड्यूटी ज्वाइन करने के निर्देश दिए गए हैं, जहां उनकी मूल तैनाती है और जहां से उनका वेतन आहरित किया जा रहा है।

वेतन बिल पर देना होगा वास्तविक ड्यूटी का प्रमाण

यह निर्णय कार्मिक विभाग के 17 जुलाई के पत्र के माध्यम से जारी निर्देशों के अनुपालन में लिया गया है। कार्मिक विभाग ने हाईकोर्ट के 15 जून के आदेश के बाद सभी आहरण एवं वितरण अधिकारियों (डीडीओ) को सरकारी निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा था। डीडीओ को प्रत्येक वेतन बिल पर यह प्रमाणपत्र दर्ज करना होता है कि संबंधित अधिकारी या कर्मचारी ने जिस स्टेशन या पद पर वेतन लिया है, वहां संबंधित माह में वास्तव में सेवाएं दी हैं।

निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि इस प्रमाण के बिना कोई वेतन बिल पारित नहीं किया जाएगा। निर्देशों में किसी तरह की अनदेखी होने पर संबंधित डीडीओ के साथ जिला कोषाधिकारी, कोषाधिकारी या उपकोषाधिकारी के विरुद्ध भी लागू नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

स्टॉपगैप व्यवस्था पर रोक नहीं

हालांकि, स्कूलों में शिक्षकों की तत्काल जरूरत को देखते हुए कॉम्प्लेक्स स्कूल प्रधानाचार्यों की ओर से की जाने वाली अस्थायी व्यवस्था जारी रहेगी। बिना शिक्षक वाले अथवा एकल शिक्षक वाले स्कूलों में कुछ दिनों के लिए दैनिक या साप्ताहिक आधार पर शिक्षकों की स्टॉपगैप व्यवस्था के आदेश इस फैसले से प्रभावित नहीं होंगे। इसी तरह चुनाव और जनगणना ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों-कर्मचारियों पर भी यह आदेश लागू नहीं होगा।

नियंत्रक अधिकारी होंगे जिम्मेदार

स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सभी नियंत्रक अधिकारियों को संबंधित कर्मचारियों को तत्काल रिलीव करने और आदेशों की अक्षरश: अनुपालना सुनिश्चित करने को कहा है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी कर्मचारी को डेपुटेशन पर ही कार्य करने दिया गया या आदेश की पालना में लापरवाही हुई तो संबंधित नियंत्रक अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार माना जाएगा।

दैनिक जागरण ने उठाया था मामला

दैनिक जागरण ने यह मामला उठाया था। विभाग में 500 के करीब कर्मचारी व शिक्षक डेपुटेशन पर है।अभी तक स्थिति स्पष्ट न होने के चलते इनके वेतन पर संकट खड़ा हो गया था।