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हिमाचल में सड़क नेटवर्क होगा अधिक टिकाऊ और सुरक्षित, सरकार लाई जल निकासी व सुरक्षा ऑडिट पॉलिसी

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Mon, 28 Sep 2026 01:29 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश सरकार ने सड़कों को अधिक टिकाऊ और सुरक्षित बनाने के लिए नई नीतियों पर काम शुरू किया है। ...और पढ़ें

हिमाचल सरकार सड़क सुरक्षा के लिए जल निकासी व सुरक्षा ऑडिट पॉलिसी लाई है। प्रतीकात्मक फोटो

हिमाचल सरकार सड़क सुरक्षा के लिए जल निकासी व सुरक्षा ऑडिट पॉलिसी लाई है। प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. विशेष सड़क जल निकासी नीति लागू, सड़कों को टिकाऊ बनाने हेतु।

  2. सड़क सुरक्षा ऑडिट नीति से सड़कें अधिक सुरक्षित बनेंगी।

  3. मल्टी-यूटिलिटी डक्ट से बार-बार सड़क खुदाई रुकेगी।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में अब सड़कें आधुनिक तकनीक और पुख्ता सुरक्षा मानकों से लैस होकर आर्थिक खुशहाली की नई राह तय करेंगी। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सरकार ने प्रदेश के विषम भौगोलिक परिवेश और आपदा की चुनौतियों को देखते हुए सड़क नेटवर्क को अधिक टिकाऊ और सुरक्षित बनाने की योजना पर अमल शुरू कर दिया है।

प्रदेश में 31 अगस्त तक सड़कों का संजाल (नेटवर्क) 41,903 किलोमीटर तक पहुंच चुका है, जिससे 15,608 गांवों को सीधा मोटर संपर्क मिल रहा है।

विशेष सड़क जल निकासी नीति लागू 

पहाड़ों में वर्षा का पानी सड़कों के धंसने और टूटने का सबसे बड़ा कारण बनता है। इस समस्या से स्थायी निजात के लिए सरकार ने फरवरी में विशेष सड़क जल निकासी नीति लागू की है। अब सड़क की प्लानिंग और डिजाइन के समय ही वर्षा की तीव्रता और जलग्रहण क्षेत्र के अनुसार नालियों व निकासी ढांचों का निर्माण अनिवार्य कर दिया है। नालियों में अवरोध डालने या अतिक्रमण करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की व्यवस्था की है।

संपर्क मार्गों के लिए भी निर्देश जारी

अब जीप व एंबुलेंस लिंक सड़कों की गुणवत्ता से भी समझौता नहीं होगा। सरकार ने इन संपर्क मार्गों के लिए दिशा-निर्देश अधिसूचित किए हैं। इसके तहत सड़क की चौड़ाई, पेवमेंट, रिटेनिंग व ब्रेस्ट वाल, ढलानों के संरक्षण और क्रैश बैरियर जैसे सुरक्षा उपायों के कड़े मानक तय किए हैं।

रोड स्टेटस इन्फार्मेशन सिस्टम

सड़क प्रबंधन को हाईटेक बनाते हुए केंद्रीकृत रोड स्टेटस इन्फार्मेशन सिस्टम तैयार किया जा रहा है। इसके जरिए मानसून या प्राकृतिक आपदा के दौरान जनता को सड़क बंद होने, वैकल्पिक मार्गों और बहाली कार्य की लाइव जानकारी मिल सकेगी। निर्माण और वित्तीय पारदर्शिता के लिए वर्क्स एंड अकाउंट्स मैनेजमेंट इन्फार्मेशन सिस्टम लागू किया जा रहा है, जिससे माप पुस्तिका और बिलिंग का काम डिजिटल व पारदर्शी होगा।

सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ 

जुलाई, 2026 में स्वीकृत सड़क सुरक्षा आडिट नीति के तहत सड़कों की योजना, निर्माण और वर्तमान स्थिति का नियमित सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य किया है। लोक निर्माण विभाग मुख्यालय में सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ स्थापित किया जा रहा है, जो ब्लैक स्पाट्स की पहचान कर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को सुरक्षित बनाएगा। गड्ढों और पैचवर्क की समयबद्ध मरम्मत के लिए एसओपी भी तय की है। 
अकसर देखा जाता है कि नई सड़क बनते ही पानी, बिजली या टेलीकाम केबल बिछाने के लिए उसे खोद दिया जाता है। इस बर्बादी को रोकने के लिए सरकार मुख्य मार्गों के साथ भूमिगत मल्टी-यूटिलिटी डक्ट बनाने की योजना पर काम कर रही है। इससे बार-बार होने वाली तोड़फोड़ रुकेगी और सार्वजनिक धन व सड़क की उम्र दोनों सुरक्षित रहेंगे।