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हिमाचल पंचायत चुनाव: पर्यवेक्षकों को तीन चरण में देनी होगी निर्वाचन आयोग को रिपोर्ट, क्या रहेंगे दायित्व?

By Yadvinder Sharma Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sun, 03 May 2026 06:17 AM (IST)Updated: Sun, 03 May 2026 11:02 AM (IST)

हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज और शहरी निकाय चुनावों के लिए नियुक्त 41 पर्यवेक्षकों को राज्य निर्वाचन आयोग को तीन ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव को लेकर तैनात पर्यवेक्षकों को निर्देश जारी किए गए हैं।

हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव को लेकर तैनात पर्यवेक्षकों को निर्देश जारी किए गए हैं।

HighLights

  1. पर्यवेक्षक तीन चरणों में आयोग को रिपोर्ट देंगे।

  2. स्वतंत्र, निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना मुख्य दायित्व।

  3. नामांकन से मतगणना तक हर चरण की निगरानी।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकाय चुनाव के लिए 41 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के तहत चुनाव पर्यवेक्षकों को तीन चरण में राज्य निर्वाचन आयोग को रिपोर्ट देनी होगी। उन्हें अपने आवंटित क्षेत्र में रहकर ही कार्य करना होगा। उन्हें नामांकन से लेकर मतदान, मतगणना और परिणाम घोषणा तक हर चरण की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।

क्या होंगे दायित्व

आयोग ने कहा है कि पर्यवेक्षक पूरी चुनाव प्रक्रिया के दौरान आयोग के प्रतिनियुक्ति अधिकारी माने जाएंगे और उनका मुख्य दायित्व स्वतंत्र, निष्पक्ष व शांतिपूर्ण चुनाव करवाना होगा। चुनाव प्रक्रिया पूर्ण होने व रिपोर्ट जमा करने के बाद ही पर्यवेक्षकों की ड्यूटी समाप्त होगी। चुनाव प्रक्रिया पर निगरानी रखने, नामांकन, जांच व प्रत्याशी की नाम वापसी प्रक्रिया, चुनाव प्रचार और आचार संहिता का पालन करवाना होगा।

आयोग की अनुमति के बिना नहीं कर सकेंगे अवकाश

पर्यवेक्षक आयोग की अनुमति के बिना अवकाश नहीं ले सकेंगे। मतदान दलों की तैनाती और उनकी आवाजाही पर पूरी नजर रखने, मतदान प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था जिसमें मत पेटियों व ईवीएम की सुरक्षा आदि की जांच के अलावा रिपोर्ट देनी होगी। रिपोर्ट ईमेल से भी भेजी जा सकती है। 

समन्वय करना होगा स्थापित

पर्यवेक्षकों को जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक, एसडीएम और बीडीओ से समन्वय कर सुनिश्चित करना होगा कि पर्याप्त पुलिस बल तैनात हो तथा चुनाव हिंसा रोकने के उपाय किए गए हों। मतदान केंद्रों पर सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हों और री-पोल पर अलग रिपोर्ट देनी होगी। 

ये रिपोर्ट देंगे पर्यवेक्षक

  • पहली रिपोर्ट : नामांकन, जांच, प्रत्याशी के नाम वापसी व चुनाव चिह्न आवंटन तक।
  • दूसरी रिपोर्ट : चुनाव प्रचार अवधि और चुनावी तैयारियों का आकलन।
  • तीसरी रिपोर्ट : मतदान दिवस, मतगणना, परिणाम व स्ट्रांग रूम में सामग्री जमा करवाने की। 

ये सौंपी गई है जिम्मेदारी 

  • आदर्श चुनाव आचार संहिता के पालन की निगरानी।
  • उम्मीदवारों के चुनाव खर्च पर नजर।
  • शराब की दुकानों के बंद रहने के निर्देश का पालन।
  • 48 घंटे पूर्व प्रचार बंदी का अनुपालन।
  • संवेदनशील व अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों की सुरक्षा।
  • कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रहेगा।

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