शिमला: रोजगार विभाग में रोजगार का संकट! 13 साल से ड्यूटी कर रहे 160 कर्मियों की गई नौकरी, आज से काम पर आने की मनाही
शिमला में श्रम एवं रोजगार विभाग के 160 आउटसोर्स डाटा एंट्री ऑपरेटरों की नौकरी पर संकट आ गया है, क्योंकि उनका सेवाकाल 30 सितंबर को समाप्त हो रहा है।

रोजगार विभाग में रोजगार का संकट! 13 साल से ड्यूटी कर रहे 160 कर्मियों की गई नौकरी (फाइल फोटो)
HighLights
160 आउटसोर्स डाटा एंट्री ऑपरेटरों की नौकरी खतरे में।
13 साल से दे रहे थे श्रम एवं रोजगार विभाग में सेवाएं।
सेवाकाल नवीनीकरण न होने से परिवारों पर गंभीर संकट।
राज्य ब्यूरो, शिमला। श्रम एवं रोजगार विभाग में करीब 13 साल से आउटसोर्स आधार पर सेवाएं दे रहे लगभग 160 डाटा एंट्री ऑपरेटरों के सामने नौकरी का संकट खड़ा हो गया है। इन कर्मचारियों का सेवाकाल 30 सितंबर को समाप्त हो गया है और विभाग ने उन्हें एक अक्टूबर से कार्यालय नहीं आने के मौखिक निर्देश दिए हैं।
कर्मचारियों को इस संबंध में अभी तक कोई लिखित आदेश नहीं मिला है। निदेशालय ने जिला रोजगार अधिकारियों को मौखिक रूप से निर्देश दिए हैं कि एक अक्टूबर से आउटसोर्स कर्मचारियों को कार्यालय में काम न दिया जाए। यह भी कहा गया है कि इसके बाद कार्यालय आने वाले कर्मचारी को उस दिन का वेतन नहीं मिलेगा।
इस संबंध में विभाग का कहना है कि कर्मचारियों के सेवाकाल के नवीकरण की फाइल सचिव (श्रम) के कार्यालय में लंबित है। साथ ही जिन कौशल विकास भत्ता और बेरोजगार भत्ता योजनाओं के लिए इनकी सेवाएं ली गई थीं, वे बंद हो चुकी हैं और इनके लिए बजट उपलब्ध नहीं है।
श्रम एवं रोजगार आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष यदोपति चौहान ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि 13 साल से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को अचानक हटाना उनके परिवारों के लिए गंभीर संकट है। महासंघ ने सेवाकाल का शीघ्र नवीकरण करने की मांग की है।
