हिमाचल में 10 दिन में कितने बढ़े प्याज के दाम, किस जिले में क्या है रेट? सरकार ने चीनी का कोटा भी कर दिया तय
हिमाचल में त्योहारों से पहले प्याज और चीनी के दाम बढ़े हैं, जिससे रसोई का बजट प्रभावित हुआ है। सरकार ...और पढ़ें

चीनी के बाद प्याज के दाम में भी तेजी आई है। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
हिमाचल में 10 दिन में प्याज के दाम ₹15 प्रति किलो बढ़े।
खाद्य विभाग ने प्याज की जमाखोरी रोकने के लिए बाजारों की निगरानी बढ़ाई।
केंद्र ने चीनी डीलरों के लिए स्टॉक कोटा और समय-सीमा निर्धारित की।
जागरण टीम, धर्मशाला। त्योहारों से पहले हिमाचल में चीनी और प्याज के बढ़ते दामों ने रसोई का बजट बिगाड़ना शुरू कर दिया है। शिमला, कांगड़ा और सोलन समेत कई क्षेत्रों में प्याज के दाम में अत्यधिक वृद्धि हुई है। काटने आंसू छुड़ाने वाला प्याज अब खरीदने पर भी वैसा ही एहसास करवा रहा है। पिछले 10 दिन के दौरान करीब 15 रुपये प्रतिकिलो दाम बढ़ने से लोगों की जेब पर असर पड़ रहा है।
मंडी जिले में 13 अगस्त को प्याज का मूल्य 32 रुपये किलो, 18 को 40 रुपये, 21 को 42, 22 को 45 और 23 अगस्त को 50 रुपये प्रति किलो पहुंच गया।
हमीरपुर में 10 दिन पहले 30 रुपये था भाव
हमीरपुर जिले में 13 अगस्त को जहां प्याज का भाव करीब 30 से 35 रुपये प्रति किलो था, वहीं 20 अगस्त को इसका भाव बढ़कर लगभग 40 से 45 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया। 22 और 23 अगस्त को लाल प्याज 45 से 50 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। यहां 10 दिन के दौरान ही 15 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
ऊना, कुल्लू, सिरमौर व सोलन का भाव
कुल्लू में भी 13 अगस्त को 28 रुपये, 18 अगस्त को 35 रुपये, 22 अगस्त को 44 रुपये और 23 अगस्त को भी 44 रुपये प्रति किलो बिका। जिला सिरमौर में 10 अगस्त को प्याज का मूल्य 30 रुपये जबकि 23 अगस्त को 42 रुपये प्रति किलो रहा। सोलन जिले में भी कमोबेश इसी तरह की स्थिति रही। ऊना में थोक का भाव 14 अगस्त को 3000 रुपये प्रति क्विंटल जबकि 23 अगस्त को 4400 रुपये रहा।

बाजार की निगरानी बढ़ाई
प्याज के बढ़ते दामों को देखते हुए हिमाचल के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने बाजारों और गोदामों की निगरानी बढ़ा दी है। विभाग के उड़नदस्ते मंडियों और कारोबारियों के स्टाक की औचक जांच करेंगे। निर्धारित सीमा से अधिक स्टाक या जमाखोरी मिलने पर संबंधित व्यापारी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
चीनी पर केंद्र ने तय किया कोटा
हिमाचल में भी चीनी के दामों में लगातार बढ़तरी हो रही है। हिमाचल सरकार ने अभी तक जमाखोरी रोकने के निर्देश जारी नहीं किए हैं। केंद्र सरकार ने चीनी का कोटा तय किया है। केंद्र के निर्देश के तहत एक अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक चीनी के डीलर अधिकतम 4,000 क्विंटल (400 टन) स्टाक रख सकेंगे। खरीदी गई चीनी को 30 दिन से अधिक समय तक रखने की अनुमति नहीं होगी। डीलरों को सरकारी पोर्टल पर स्टाक का ब्योरा भी नियमित रूप से अपडेट करना होगा। पहली सितंबर से हर महीने 10 मीट्रिक टन से अधिक चीनी इस्तेमाल करने वाले बड़े थोक उपभोक्ताओं को 15 दिन की खपत से अधिक स्टाक रखने की अनुमति नहीं होगी। इसमें बड़े हलवाई, बेकरी और अन्य संस्थागत उपभोक्ता शामिल हैं।
