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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Himachal News: सेब पर मंडरा रहा खतरा, अल्टरनेरिया की चपेट में बगीचे, कांग्रेस नेता ने की बीमारी को महामारी घोषित करने की मांग

Published: Thu, 18 Jul 2024 10:04 PM (IST)

Himachal News हिमाचल में सेब पर खतरा मंडराने लगा है। बगीचे अल्टरनेरिया की चपेट में आ गए हैं। ऐसे में ...और पढ़ें

Himachal News: सेब पर मंडराया खतरा, मुश्किल में किसान।
Himachal News: सेब पर मंडराया खतरा, मुश्किल में किसान।

HighLights

  1. सेब के आकार और रंग पर हो रहा सीधा असर।
  2. बीमारी की रोकथाम के लिए केंद्र से मदद मांगे सरकार।
  3. प्रदेश के बागवान चिंतित।

जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश की 5 हजार करोड़ की सेब आर्थिकी पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। सेब के बगीचे अल्टरनेरिया नामक बीमारी की चपेट में आ गए हैं। इसका सीधा असर सेब के आकार और रंग पर हो रहा है। सेब के पत्ते समय से पहले ही झड़ रहे हैं। इस वजह से प्रदेश के बागवान खासे चिंतित हैं।

शिमला में पत्रकार वार्ता कर कांग्रेस विधायक व राष्ट्रीय प्रवक्ता कुलदीप सिंह राठौर ने सेब पर फैली इस अल्टरनेरिया बीमारी को महामारी घोषित करने की मांग की है। केंद्र सरकार से भी बीमारी की रोकथाम के लिए सहयोग की बात कही है। कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि अल्टरनेरिया बीमारी प्रदेश के कई इलाकों में महामारी का रूप धारण कर चुकी है।

उन्होंने दावा किया कि कुछ इलाकों में 95 फ़ीसदी बगीचे बीमारी की चपेट में आ गए हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार केंद्र सरकार से बातचीत कर इसकी रोकथाम के लिए कदम उठाए। 1982-83 में भी सेब पर स्कैब बीमारी लग गई थी। जिस पर समय रहते कदम उठाए गए और केंद्र ने मदद ली गई।

बीमारी की रोकथाम के लिए कदम उठाए सरकार

सरकार गंभीरता को समझते हुए अल्टरनेरिया बीमारी की रोकथाम के लिए कदम उठाए और केंद्र से भी मुद्दे को उठाने का काम करे। हालांकि बागवानी विभाग ने टीमें भेजी हैं, न इस बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए अनुसंधान की भी जरूरत है। मार्केट में उपलब्ध दवाइयों की गुणवता पर भी सवाल उठ रहे हैं। इसकी भी मॉनिटरिंग होनी चाहिए। इसके अलावा विदेशों से आयात हो रहे सेब के पौधों पर भी शक की नजरें हैं, इन पौधों का क्वारंटाइन होना चाहिए।

सेब उत्पादन हिमाचल में हो जाएगा मुश्किल

उसके बाद ही बागवानों को उपलब्ध करवाने चाहिए। सेब के साथ विदेशों से बीमारियों का आयात नहीं होना चाहिए। यह सरकार और बागवानी विभाग को सुनिश्चित करना है। सेब पहले ही घाटे का सौदा बनता जा रहा है ऐसे में बीमारियों के पनपने से सेब उत्पादन हिमाचल में बेहद मुश्किल हो जाएगा।

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